महाराष्ट्र के भंडारा जिले में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। हाल ही में लाखांदूर क्षेत्र में आयोजित एक लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान सांसद प्रशांत पडोले और राज्य के पालकमंत्री पंकज भोयर के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी बयानबाज़ी देखने को मिली। कार्यक्रम के मंच से दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप किए, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया।
सांसद प्रशांत पडोले ने आरोप लगाया कि जिले के कई विद्यालयों में छात्र नशे की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा सातवीं से दसवीं तक के छात्र भी नशीले पदार्थों के संपर्क में आ रहे हैं, जो अत्यंत गंभीर स्थिति है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशे का अवैध कारोबार सक्रिय है, लेकिन बदनामी के डर से इसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने पड़ोसी राज्यों से नकली शराब की सप्लाई पर भी चिंता जताई और प्रशासन से विशेष जांच समिति गठित करने की मांग की।
वहीं दूसरी ओर, पालकमंत्री पंकज भोयर ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा नशा विरोधी नीति लागू की गई है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले ने भंडारा जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।









