दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आदित्य ठाकरे को कार्याध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा पर कहा कि यह जानकारी उन्हें भी मीडिया के माध्यम से मिली है और ऐसे निर्णय पार्टी के अंदरूनी स्तर पर लिए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे पहले भी पार्टी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और आगे भी संगठनात्मक ढांचे में बदलाव होना स्वाभाविक प्रक्रिया है।
संजय राउत ने कहा कि आज की राजनीति में युवा नेतृत्व को आगे लाना आवश्यक है और आने वाले समय में राजनीतिक जिम्मेदारी युवाओं के हाथों में जाएगी। उन्होंने मुंबई महानगरपालिका और अन्य स्थानीय चुनावों में आदित्य ठाकरे और उनकी टीम के प्रदर्शन को सकारात्मक बताया।
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर देश में व्यापक राजनीतिक चर्चा हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसेना महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ कभी नहीं रही है और पार्टी इस विधेयक का समर्थन करती है।
इसके अलावा उन्होंने परिसीमन (डिलिमिटेशन) के मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि इससे राज्यों के राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ निर्णय जल्दबाजी में लिए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में राजनीतिक असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ड्रग्स मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि इस दिशा में और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।









