नागपुर में एक उन्नीस वर्षीय दिव्यांग युवती के अपहरण और उसके साथ हुए कथित दुष्कर्म का अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला प्रकाश में आया है। तेरह मार्च को युवती के लापता होने की शिकायत वाठोड़ा पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी, क्योंकि युवती के पास मोबाइल फोन नहीं था और वह संवाद में भी पूर्ण रूप से सक्षम नहीं थी। कुछ दिनों बाद उसकी माता से प्राप्त सूचना के आधार पर यह संभावना जताई गई कि युवती पुलगांव क्षेत्र में हो सकती है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए विशेष टीम गठित कर जांच तेज की और युवती को सुरक्षित बरामद किया।
प्रारंभ में युवती ने किसी भी प्रकार की घटना से इनकार किया, किंतु दो दिन पश्चात उसने खुलासा किया कि एक मजदूर ने उसका अपहरण कर उसे मध्य प्रदेश ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी उसे पुनः पुलगांव लाकर उसके पिता के पास छोड़ गया। गंभीर आरोप यह भी हैं कि लगभग एक माह तक रहने के दौरान उसके पिता ने भी उसके साथ अत्याचार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है। यह घटना समाज में सुरक्षा व्यवस्था, पारिवारिक संबंधों और कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है तथा न्याय की मांग को और प्रबल बनाती है।









