लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। नागपुर स्थित गैर-सरकारी संगठन ‘यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी’ के निदेशक रियाज फाजिल काजी को महिला कर्मचारियों के यौन शोषण, धर्मांतरण के लिए दबाव डालने और धार्मिक उत्पीड़न के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले के सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद ने उनके गैर-सरकारी संगठन (NGO) पर प्रतिबंध लगाने और उनके द्वारा प्राप्त धन के स्रोतों की जांच करने की मांग की है।
मानकापुर पुलिस स्टेशन में रियाज काजी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है। रियाज काजी पर महिला कर्मचारियों को जबरन नमाज पढ़ने, रोजा रखने और इस्लामी रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए दबाव डालने का आरोप है। चार महिला कर्मचारियों की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई। इस घटना से नागपुर में हड़कंप मच गया है और हिंदूवादी संगठनों ने आक्रोश व्यक्त किया है क्योंकि यह नासिक की टीसीएस (TCS) कंपनी में हुई घटना से मिलती-जुलती है।
विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता डॉ. हेमंत जांभकर ने कहा कि इस्लाम थोपने के बजाय ऐसे लोगों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए। ऐसी घटनाएं हिंदू समाज को और अधिक कट्टरपंथी बनाएंगी और इसके गंभीर परिणाम होंगे। डॉ. जांभकर ने मांग की कि सरकार उनके एनजीओ पर तत्काल प्रतिबंध लगाए और इस बात की जांच करे कि उन्हें धन कहां से मिलता है।
उत्पीड़न और शिकायत की पृष्ठभूमि
रियाज काजी के संगठन में कुछ कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें कुछ युवतियां भी शामिल हैं। जुलाई 2024 में, उसने एक युवती के साथ छेड़छाड़ की थी। युवती ने उसे इस बारे में चेतावनी दी थी, फिर भी वह लगातार उसे परेशान करता रहा। साथ ही, वह कार्यालय में मौजूद युक्तियों को अपने धर्म से संबंधित रीति-रिवाजों के बारे में बताता रहता था और उन पर दबाव डालता था। उसके इस व्यवहार से तंग आकर कुछ युवतियों ने नौकरी छोड़ दी।
कुछ दिन पहले, रियाज ने नौकरी छोड़ने वाली युवती की मां को फोन किया और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। इस बात का पता चलने पर युवतियां एकजुट हुईं और पुलिस स्टेशन पहुंच गईं। पुलिस ने रियाज काजी को रविवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
कौन है रियाज काजी?
रियाज काजी पिछले कई सालों से ‘यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी’, ‘फोक’ और ‘पढ़ें हम-पढ़ाएं हम’ जैसे एनजीओ के जरिए बेघर बच्चों को पढ़ा रहा था। इसके लिए वह समाजशास्त्र के छात्रों की मदद लेता था। उसके संगठन को एक पुरस्कार भी मिला है, जो अब विवादों में है। पिछले विधानसभा चुनाव में उसने एक उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार भी किया था, जहां ताज नगर और गोरेवाड़ा स्थित उसके गोदामों से राशन किट बांटी गई थी। उस समय पुलिस ने उसके गोदाम पर छापा भी मारा था।
एटीएस (ATS) जांच में जुटी
यह मामला केवल स्थानीय पुलिस तक सीमित नहीं रहा, अब महाराष्ट्र एटीएस भी इस जांच में शामिल हो गई है। एटीएस अब एनजीओ की फंडिंग, विदेशी संपर्कों और इसके पीछे छिपे किसी बड़े नेटवर्क की तलाश कर रही है।
पीड़िता की आपबीती
पुलिस ने 23 वर्षीय पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। पीड़िता रियाज के एनजीओ में HR मैनेजर थी। 18 जुलाई 2024 को पीड़िता का जन्मदिन था। रियाज ने उसे केबिन में बुलाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध गले लगाया और माथे पर चूमा। पीड़िता के विरोध करने के बावजूद वह उसे केबिन में बुलाता और ‘हग’ (hug) करने का प्रयास करता था। इस दौरान रियाज सीसीटीवी कैमरे की वायर निकाल देता था।
शासन की प्रतिक्रिया
राजस्व मंत्री और जिले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नागपुर में भविष्य में ऐसे गंभीर मामले होने से रोक दिए गए हैं। राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने भी इस बारे में जानकारी ली और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।











