लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। गुरुवार को तमिलनाडु में सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक साथ मतदान होंगे। पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग होगा। एक ओर तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक ही झटके में सत्ता का फैसला होने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में अगले कई हफ्तों तक चलने वाली सियासी बिसात के पहले चरण में 152 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। हम इन दोनों राज्यों के उन आंकड़ों के बारे में बता रहे हैं, जो सबसे ज्यादा मायने रखते हैं।
आज पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए वोटिंग होगी। आज होने वाला मतदान ही यह तय कर देगा कि बंगाल में किस ओर हवा बह रही है। भाजपा और टीएमसी दोनों ने ही इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पहले चरण में बंगाल की 152 सीटों पर मतदान होगा। इसमें 3.6 करोड़ वोटर्स हिस्सा लेंगे। 1478 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए 44000 से अधिक पोलिंग बूथ तैयार हैं। नंदीग्राम से लेकर दार्जिलिंग की पहाड़ियों तक, सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच बंगाल अपनी नई सरकार की पहली सीढ़ी चढ़ेगा।
तमिलनाडु का मुकाबला इस बार बेहद दिलचस्प है। यहां एक ही चरण में सभी 234 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। राज्य में 5.73 करोड़ मतदाताओं में से 2.93 करोड़ महिला मतदाता हैं, जो पुरुषों (2.80 करोड़) के मुकाबले संख्या में काफी आगे हैं। कल 75000 से ज्यादा मतदान केंद्रों पर 4023 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद होगी। इसमें पहली बार चुनावी समर में उतरे विजय और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की प्रतिष्ठा दांव पर है। अगर इन दो राज्यों को मिलाकर देखें तो कल करीब 9.33 करोड़ मतदाता अपनी उंगली पर स्याही लगवाकर भारत के राजनीतिक भविष्य की नई इबारत लिखेंगे। दोनों राज्यों में आज सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू होगी। तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति का दबदबा कायम रहेगा या फिर कुछ नया बदलाव होगा? वहीं बंगाल में दीदी की सत्ता जारी रहेगी या भाजपा अपना झंडा बुलंद कर पाएगी? यह तो 4 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा।











