लोकवाहिनी, संवाददाता:कोलकाता/चेन्नई। बंगाल विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान में मतदाताओं ने इतिहास रच दिया है। राज्य की 152 सीटों पर 91.40 फीसदी वोटिंग हुई है। इससे पहले 2011 में 84 प्रतिशत, 2016 में 82.66 प्रतिशत और 2021 में 81.56 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार पहले चरण में कूच बिहार में जमकर वोट पड़े और 92 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई। अलीपुरद्वार में 88 प्रतिशत से ज्यादा वोट पड़े। बंगाल के साथ तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर भी मतदान संपन्न हुआ, जहां 84.35 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई, जो एक रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है।
राज्य में चुनाव आयोग ने कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए थे, जिनमें से 5,938 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया था। इन संवेदनशील केंद्रों पर विशेष सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था की गई थी, ताकि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। इसके साथ ही गुजरात और महाराष्ट्र की 3 विधानसभा सीटों (उमरेठ, बारामती और राहुरी) पर उपचुनाव के लिए भी मतदान पूरा हो गया है। वहीं भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया है।










