पीएम की अपील के बाद सीएम फडणवीस का एक्शन
लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मंजूरी के बिना अब महाराष्ट्र के किसी भी मंत्री को सरकारी विमान या चार्टर्ड विमान का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा खर्च नियंत्रण और ईंधन बचत पर जोर दिए जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने भी इस दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, मंत्रियों की हवाई यात्राओं पर नियंत्रण रखने के लिए नई प्रशासनिक प्रक्रिया लागू की गई है। इसके तहत किसी भी मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी को सरकारी विमान का उपयोग करना हो तो पहले मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय की मंजूरी मिलने के बाद ही विमान उपलब्ध कराया जाएगा।
पीएम की अपील पर तेज हुई कार्रवाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ईंधन बचत, सरकारी खर्च में कटौती और संसाधनों के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग की अपील की थी। इसके बाद विभिन्न राज्यों में सरकारी खर्चों पर नियंत्रण को लेकर चर्चाएं शुरू हुई थीं। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार ने उसी दिशा में अमल शुरू कर दिया है।
महाराष्ट्र के 12 विधायकों का विदेश दौरा रद्द
पीएम मोदी की अपील का असर : विधानसभा अध्यक्ष का बड़ा फैसला
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में देशवासियों से ईंधन और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील के बाद महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में, महाराष्ट्र विधानसभा के 12 विधायकों के एक समूह को जापान के अध्ययन दौरे पर जाना था। जापान के दो अलग-अलग राज्यों के राज्यपालों ने इस प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया था, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए इस प्रस्तावित यात्रा को रद्द कर दिया है। वर्तमान में खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध ने न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर किया है, बल्कि कच्चे तेल की कीमतों को भी प्रभावित किया है। भारत अपनी ईंधन जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, जिसका भुगतान डॉलर में करना पड़ता है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती लागत का सीधा असर देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने अपनी जनसभाओं में स्पष्ट किया है कि मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग में विदेश में छुट्टियां मनाने और शादियां करने का बढ़ता चलन वर्तमान परिस्थितियों में चिंताजनक है। प्रधानमंत्री की अपील के पीछे का मुख्य उद्देश्य भारत के डॉलर भंडार को सुरक्षित करना है। मोदी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल खरीदने पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार चाहती है कि नागरिक कम से कम एक साल के लिए विदेश यात्राओं को स्थगित करें और सोना खरीदने से बचें, क्योंकि सोने का आयात भी डॉलर भंडार पर दबाव डालता है। विधायकों का दौरा रद्द होना इसी दिशा में एक प्रतीकात्मक और प्रभावी कदम माना जा रहा है।
डिजिटल को फिर से बढ़ावा संकट के इस समय में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) और वर्चुअल मीटिंग्स को प्राथमिकता देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस और वर्चुअल मीटिंग के जरिए न केवल समय की बचत होती है, बल्कि ईंधन की खपत में भी भारी कमी लाई जा सकती है। (पेज 6 पर)









