लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को नीट (यूजी) 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। 22.79 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी। वहीं परीक्षा से जुड़े अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान पुलिस की एफआईआर को अपने हाथ में ले लिया है। सीबीआई ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन (पीसी) एक्ट के तहत अलग से मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं इस मामले में जांचकर्ताओं ने देश भर में कई गिरफ्तारियां की हैं – नासिक से देहरादून तक राजगीर तक – महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा, बिहार, राजस्थान और उत्तराखंड में फैले कम से कम 45 व्यक्तियों के एक सुव्यवस्थित बहु-राज्य नेटवर्क का खुलासा किया।
जांच में एक नेटवर्क का पता चला है जिसमें पेपर सॉल्वर, नकलची, कोचिंग सेंटर काउंसलर और यहां तक कि एमबीबीएस छात्र भी शामिल हैं। इधर इस मामले को लेकर राजस्थान पुलिस की जानकारी के आधार पर नासिक पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। नासिक शहर के डीसीपी किरण कुमार चव्हाण ने इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि राजस्थान पुलिस ने इस मामले में मदद के लिए उनसे संपर्क किया था। राजस्थान पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर नासिक सिटी क्राइम ब्रांच ने नीट पेपर लीक मामले के सिलसिले में इंदिरा नगर इलाके से शुभम खैरनार नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है। डीसीपी किरण कुमार चव्हाण ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी नीट पेपर लीक मामले से जुड़ा है। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपना पहनावा और हेयरस्टाइल बदल लिया था, जिससे शुरू में उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया था।
हालांकि, तकनीकी जानकारी और सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस ने उसे सफलतापूर्वक पकड़ लिया। वहीं एनटीए डीजी अभिषेक सिंह ने कहा- इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 6 से 8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा। उधर, केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। एनटीए ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया। नीट का पेपर प्रश्न बैंक के जरिए लीक किया गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। ये सभी हाथ से लिखे गए और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही थी। जांच एजेंसी पता लगा रही है कि आखिर वह पेपर लीक कहां से हुआ। हालांकि, इसका खुलासा राजस्थान के सीकर से हुआ।
‘भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था’ ने 22 लाख छात्रों के सपनों को कुचला : राहुल
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अनियमितताओं के आरोपों के चलते मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को रद्द किए जाने के बाद मंगलवार को आरोप लगाया कि ‘भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था’ ने 22 लाख छात्रों के सपनों को कुचल दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तथाकथित अमृतकाल ‘विषकाल’ बन गया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को इसके प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की और सरकार ने सीबीआई को इन ‘अनियमितताओं’ की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया। एनटीए ने कहा कि यह परीक्षा अलग से अधिसूचित तिथियों पर पुनः आयोजित की जाएगी। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “नीट 2026 की परीक्षा रद्द हो गई। 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। किसी पिता ने कर्ज लिया, किसी मां ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की और बदले में मिला- पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार”।
केरल है सेंटर पॉइंट
पेपर लीक मामले का सेंटर पॉइंट केरल में पाया गया है। राजस्थान पुलिस एसओजी ने शुरुआती जांच में पाया था कि राजस्थान के चुरू का एक कैंडिडेट केरल से एमबीबीएस कर रहा है, जिसने सीकर में एक पीजी संचालक से गेस पेपर मिला था, जो बाद में जांच लीक सवाल का सेट माना जा रहा है। इस मामले में एसओजी ने देहरादून से भी कुछ संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। वहीं इस मामले के तार कई राज्यों में जुड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। अब सीबीआई को मामले की जांच करनी है, जो शुरू से मामले की जांच करेगी। माना जा रहा है कि इसके बाद कई राज्यों से नीट यूजी पेपर लीक कनेक्शन पाया जा सकता है।
जून में दोबारा एग्जाम संभव
नीट यूजी 2026 का आयोजन 3 मई को किया गया था। तो वहीं एनटीए ने 6 मई को प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी। इस बार नीट यूजी का रिजल्ट जल्दी जारी करने की तैयारी थी, लेकिन इस बीच पेपर लीक का मामला सामने आ गया। तो एनटीए को एग्जाम को रद्द करना पड़ा। (पेज 6 पर)









