खेल मंत्रालय ने 2026 एशियाई खेलों में भागीदारी के लिए कड़े चयन मानदंड जारी किए हैं। मंत्रालय ने साफ कहा कि केवल पदक जीतने के वास्तविक दावेदार खिलाड़ी और टीमों को ही राष्ट्रीय महासंघ नामांकित कर सकेगा। सरकारी खर्च पर नहीं जाने के बावजूद अतिरिक्त कोच या सहयोगी स्टाफ को शामिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
चयन के मुख्य नियम
- व्यक्तिगत रैंकिंग में शीर्ष छह और टीम खेलों में शीर्ष आठ खिलाड़ियों को ही नामांकित किया जाएगा।
- चयन का आधार पिछले 12 महीने का प्रदर्शन होगा।
- केवल वही खिलाड़ी और कोच सरकारी खर्च पर टीम का हिस्सा होंगे; अन्य निजी खर्च पर भी शामिल नहीं होंगे।
- नीति राष्ट्रमंडल खेल (2026), पैरा एशियाई खेल, एशियाई इंडोर खेल, एशियाई बीच खेल, युवा ओलंपिक, एशियाई युवा खेल और राष्ट्रमंडल युवा खेल पर भी लागू होगी।
विशेष प्रावधान और चेतावनी
मंत्रालय ने कहा कि यदि कोई खिलाड़ी सिर्फ भागीदारी के लिए टीम में शामिल होने की कोशिश करता है, तो उसे अनुमति नहीं दी जाएगी।
साथ ही, यदि सीनियर एशियाई चैम्पियनशिप जैसी प्रतियोगिताएं अनियमित अंतराल पर आयोजित होती हैं या स्तर कम होता है, तो इसे नियमों को दरकिनार करने का प्रयास माना जाएगा।
फुटबॉल और अन्य खेलों पर असर
कड़े मानदंडों के कारण भारतीय फुटबॉल टीम के लिए एशियाई खेलों में भाग लेना कठिन हो सकता है, क्योंकि वर्तमान में वह एशियाई स्तर पर 24वें स्थान पर है।
उद्देश्य और पारदर्शिता
मंत्रालय ने कहा कि नए दिशानिर्देश पारदर्शी और न्यायसंगत ढाँचा तैयार करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। एक रियायत के तहत मंत्रालय विशेषज्ञों या साइ की सिफारिश पर ऐसे प्रतिभागियों की अनुमति दे सकता है, जो मानदंड पूरा नहीं करते।
भारत ने 2023 एशियाई खेलों में 28 स्वर्ण सहित 106 पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।








