नई दिल्ली। जिंदल स्टेनलेस ने महाराष्ट्र में 125 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से एक नई इस्पात विनिर्माण इकाई स्थापित करने की जानकारी दी है। कंपनी के बयान के अनुसार इस इकाई में पुल के ‘गर्डर’ सहित अन्य महत्वपूर्ण उपकरण बनाए जाएंगे, जो देश के उन्नत बुनियादी ढांचे के विकास में सहायक होंगे।
कंपनी के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा कि यह विनिर्माण इकाई ग्राहकों को एकीकृत समाधान प्रदान करने की उनकी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “पुल महत्वपूर्ण संयोजक होते हैं, जो पूरे देश में लोगों, व्यवसायों और आर्थिक गतिविधियों को जोड़ते हैं। इस इकाई के माध्यम से हम टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे की बढ़ती मांग को पूरा करेंगे।”
वित्त वर्ष 2025-26 में अनुमानित 4,000 टन निर्माण क्षमता रखने वाली यह इकाई, वित्त वर्ष 2026-27 तक 18,000 टन वार्षिक उत्पादन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखती है। इस प्रक्रिया में इस्पात को काटने, मोड़ने, आकार देने और संयोजित करने की उन्नत तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे निर्माण और औद्योगिक अनुप्रयोगों में इस्तेमाल होने वाले ढांचे और उपकरण तैयार होंगे।
यह कदम न केवल महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि देश में पुल और बुनियादी ढांचा निर्माण की मांग को भी प्रभावी रूप से पूरा करने में सहायक होगा।








