किसानों के लिए फणणवीस सरकार के दो बड़े फैसले, जून में माफ होगा कर्ज
लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। देश में मानसून की दस्तक और खरीफ फसलों की बुआई के नजदीक आते ही ग्रामीण क्षेत्रों में पैसों को लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ने लगी थीं। किसान और विपक्षी दल लगातार मांग कर रहे थे कि सरकार द्वारा घोषित की गई ऋण माफी योजना को फसल की बुआई और कटाई के नए सत्र से पहले ही दिया जाए ताकि वे नए सिरे से खेती के लिए बैंकों से वित्तीय मदद ले सकें। किसानों की इसी मांग और जरूरत को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फणणवीस ने मुंबई में सहकारिता विभाग, कृषि विभाग और प्रमुख बैंकिंग अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की।
बैठक के बाद आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फणणवीस ने स्पष्ट किया कि सरकार ने जून के महीने में ही कर्जमाफी की प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री फणणवीस ने आगे बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में आरबीआई (सिबिल) के वरिष्ठ अधिकारी खुद टेबल पर मौजूद थे और उनकी सहमति के बाद ही यह नीतिगत फैसला लिया गया है। राष्ट्रीयकृत बैंकों के मुख्यालयों को सख्त आदेश जारी कर दिए गए हैं कि वे महाराष्ट्र की अपनी प्रत्येक ग्रामीण और शहरी शाखा को इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र भेजें। इस पत्र में स्पष्ट लिखा होगा कि फसल ऋण के लिए सिबिल की कोई आवश्यकता नहीं है। यदि कोई बैंक मैनेजर नियमों का उल्लंघन कर किसान को परेशान करता है, तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
खाद-बीज की किल्लत नहीं होने देगी सरकार
कर्जमाफी और लोन प्रक्रिया आसान करने के अलावा मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को राज्य के किसी भी जिले में खरीफ सीजन के दौरान उत्तम गुणवत्ता वाले बीजों और उर्वरकों (उर्वरक) की किल्लत न होने देने के निर्देश दिए। कृषि केंद्रों पर होने वाली कालाबाजारी को रोकने के लिए उड़नदस्तों का गठन किया जा रहा है। मौसम विभाग के वर्षा पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी एक्टिव कर दिए हैं ताकि इस साल किसानों को बुआई से लेकर फसल कटाई तक किसी भी स्तर पर प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।












