नई दिल्ली। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (आरसीपीएल) ने देश भर में एकीकृत खाद्य विनिर्माण सुविधाओं की स्थापना के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के साथ 40,000 करोड़ रुपये के समझौते पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर किए। यह महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) विश्व खाद्य भारत 2025 कार्यक्रम में साइन किया गया।
सूत्रों ने बताया कि यह पहल भारत में एआई-संचालित स्वचालन, रोबोटिक्स और टिकाऊ प्रौद्योगिकियों के साथ एशिया का सबसे बड़ा एकीकृत फूड पार्क स्थापित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
आरसीपीएल, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज की अनुषंगी कंपनी है और रिलायंस रिटेल से उभर कर आई है, भारत की सबसे तेजी से बढ़ती FMCG कंपनियों में शामिल हो गई है। केवल तीन वर्षों में इसने 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है।
समझौता ज्ञापन के तहत, आरसीपीएल महाराष्ट्र के कटोल और नागपुर तथा आंध्र प्रदेश के कुरनूल में खाद्य उत्पादों और पेय पदार्थों के लिए एकीकृत विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने के लिए 1,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी।
अगस्त में रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक में निदेशक ईशा अंबानी ने कहा था कि आरसीपीएल समूह के “विकास इंजनों” में से एक है और इसका लक्ष्य पांच वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करना है।
आरसीपीएल ने ‘टैग्ज फूड्स’ सहित कई उपभोक्ता ब्रांड का अधिग्रहण किया है। कंपनी ने कैम्पा, इंडिपेंडेंस, एलन, एन्जो और रावलगांव जैसे घरेलू ब्रांड पेश किए हैं, जिनमें साबुन से लेकर कोला तक के उत्पाद शामिल हैं।
इस निवेश और समझौते के बाद, आरसीपीएल भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अग्रणी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है।











