सत्ता नहीं, समाज परिवर्तन हो राजनीति का उद्देश्य
अमरावती में गडकरी का बड़ा संदेश
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि वर्तमान समय में राजनीति में सिद्धांतनिष्ठा, लक्ष्यनिष्ठा और विचारनिष्ठा का अभाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सत्ता के अनुसार दल और विचार बदलने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपने सिद्धांतों और विचारों से समझौता न करने का आह्वान किया।
अमरावती में आयोजित शिवाजी शिक्षण संस्था के अध्यक्ष हर्षवर्धन देशमुख तथा कोषाध्यक्ष दिलीप इंगोले के अमृत महोत्सव सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का सशक्त साधन है। उन्होंने कहा कि आज कई लोग इस आधार पर राजनीतिक निर्णय लेते हैं कि किस दल की सरकार बनेगी और कौन मंत्री बनेगा, जबकि विचारधारा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत और हार लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है। जनता कभी समर्थन देती है तो कभी अस्वीकार करती है, लेकिन परिस्थितियां बदलने पर विचारधारा बदल लेना उचित नहीं है। संघर्ष के समय भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।
गडकरी ने जाति आधारित राजनीति पर भी अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने कभी जाति-पाति की राजनीति नहीं की और हमेशा विकास, ईमानदारी तथा कार्यक्षमता को प्राथमिकता दी। उन्होंने मतदाताओं से भी जागरूक होकर योग्य नेतृत्व चुनने का आग्रह किया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।












