विदर्भ को मिलेगा एक और सांसद
राष्ट्रवादी के फैसले से तेज हुई राजनीतिक चर्चाएं
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए राजेंद्र जैन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा के साथ ही विदर्भ क्षेत्र को राज्यसभा में एक और प्रतिनिधित्व मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह सीट उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी और राजनीतिक जानकारों के अनुसार राजेंद्र जैन का निर्वाचित होना लगभग तय माना जा रहा है।
राजेंद्र जैन विदर्भ की राजनीति का एक जाना-पहचाना नाम हैं। वह वर्तमान में गोंदिया जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष हैं और भंडारा-गोंदिया क्षेत्र से विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। संगठनात्मक कार्यों और सहकारिता क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें क्षेत्र में एक प्रभावशाली नेता माना जाता है।
राजनीतिक हलकों में राजेंद्र जैन को राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल का करीबी सहयोगी माना जाता है। उन्होंने लंबे समय तक पार्टी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं और पार्टी नेतृत्व के साथ उनका मजबूत समन्वय रहा है। यही कारण है कि राज्यसभा की इस महत्वपूर्ण सीट के लिए पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है।
इस सीट को लेकर भाजपा नेता नवनीत राणा की दावेदारी की भी चर्चा थी। राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा था कि वह इस पद के लिए इच्छुक थीं। हालांकि अंतिम समय में राष्ट्रवादी कांग्रेस ने राजेंद्र जैन के नाम पर मुहर लगा दी।
राजेंद्र जैन की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद विदर्भ की राजनीतिक भूमिका को नई मजबूती मिलने की चर्चा तेज हो गई है। वहीं इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को भी जन्म दिया है।












