श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में कमलकोट इलाके में स्थित एक सेना शिविर (आर्मी कैंप) में हैंड ग्रेनेड फटने की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। इस हादसे में महाराष्ट्र के दो सपूत वीरगति को प्राप्त हो गए हैं।
सेना अधिकारियों के अनुसार, यह विस्फोट किसी आतंकी हमले के कारण नहीं बल्कि रूटीन उपकरणों की शिफ्ट बदलने या सौंपने की प्रक्रिया के दौरान एक हैंड ग्रेनेड के दुर्घटनावश (गलती से) फटने से हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना उरी सेक्टर के कमलकोट इलाके में हुई। धमाके में दोनों सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अधिकारियों ने बताया कि शहीद सैनिकों की पहचान अर्जुन जाधव और विक्रम बालकृष्ण के रूप में हुई है। दोनों महाराष्ट्र के निवासी थे।
गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें श्रीनगर के बादामीबाग छावनी स्थित सेना के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। दोनों सैनिक 8 राष्ट्रीय राइफल्स (राष्ट्रीय रायफल्स) से संबद्ध थे।
अर्जुन जाधव सातारा जिले के कराड के शाहापुर के रहने वाले थे, जबकि विक्रम बालकृष्ण नवी मुंबई के ऐरोली के निवासी थे। अर्जुन जाधव के परिवार में पत्नी, एक पुत्र, माता-पिता और भाई हैं। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को उनके शाहापुर गांव में किया जाएगा।
अर्जुन जाधव 25 जून को अपने बेटे का पहला जन्मदिन मनाने के लिए 15 जून को छुट्टी पर आने वाले थे। लेकिन उससे पहले ही उन्हें वीरगति प्राप्त हो गई, जिससे पूरे शाहापुर गांव में शोक की लहर फैल गई है।
घटना की गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। इस तरह ग्रेनेड फटने के कारणों की भी जांच की जा रही है। इस घटना को एक एक्सीडेंटल ब्लास्ट (दुर्घटनावश विस्फोट) माना जा रहा है और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
श्रीनगर स्थित रक्षा विभाग के पीआरओ ने कहा कि वे संबंधित अधिकारियों से पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही इस घटना पर टिप्पणी करेंगे।












