नागपुर। हुडकेश्वर थाना क्षेत्र के मानेवाड़ा श्मशानभूमि में शनिवार शाम दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद में 18 वर्षीय कुख्यात बदमाश पवन सूर्यवंशी की हत्या कर दी गई। घटना शनिवार शाम करीब 4.30 बजे की बताई जा रही है। हुडकेश्वर पुलिस ने मामले में आठ से दस आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अपराध शाखा ने महज 12 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को जबकि हुडकेश्वर पुलिस टीम ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में कृष्णा धनराज औरोरिया (24), रौनक रमेश राव, यश दिलीप सोदे, वेदांत संदीप कापटे और देवांश श्रीरामे शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, करीब तीन महीने पहले पवन सूर्यवंशी, अमन काले और अजय सोलंकी ने अमन उर्फ काका चौरसिया पर चाकू से हमला किया था। इस मामले में अजनी पुलिस ने अमन और अजय को हिरासत में लेकर नोटिस देकर छोड़ दिया था, जबकि पवन फरार था। इसी दौरान काका चौरसिया के मित्र वेदांत कापटे ने पवन से संपर्क साधने की कोशिश शुरू की। बताया जाता है कि वेदांत ने इंस्टाग्राम के जरिए पवन को तलाशा और करीब दो महीने तक उसे फॉलो करने के बाद उससे संपर्क किया। शनिवार को विवाद सुलझाने के बहाने पवन को मानेवाड़ा घाट स्थित श्मशानभूमि में बुलाया गया। वहां पहले से अमन चौरसिया, अजय चौरसिया सहित करीब आठ लोग मौजूद थे। बातचीत के दौरान पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। इसी दौरान आरोपियों ने पवन पर पत्थर से हमला किया और बाद में चाकू से वार कर दिए। पवन और उसके साथ मौजूद युवक वहां से भागने लगे, लेकिन बाहर निकलते समय पवन गिर गया। आरोपियों ने उस पर दोबारा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही पवन सूर्यवंशी की मौत हो गई।
शहर में गैंगवार की चौथी घटना
मानेवाड़ा की घटना को शहर में हाल के दिनों में सामने आई गैंगवार की चौथी बड़ी घटना माना जा रहा है। इससे पहले कोतवाली क्षेत्र में काकड़े गैंग द्वारा सौरभ घाटे पर फायरिंग, फुटाला तालाब के पास शेखू के भांजे की हत्या और मानकापुर में मोहम्मद काशिद मोहम्मद रफिक की हत्या जैसे मामले सामने आ चुके हैं।











