होर्मुज में भारतीय क्रू वाले जहाज पर लगातार दूसरे दिन हमला, भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
तेल अवीव/तेहरान, एजेंसी
अमेरिका और ईरान की जंग के बीच ओमान के तट के पास गुरुवार को भारतीय क्रू वाले जहाज एमटी जलवीर पर हमला हुआ। हमले के बाद इस पर आग लग गई है। हमला किसने किया, इसकी जानकारी नहीं मिली है। घटना के बाद भारतीय दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और हालात पर नजर रखे हुए हैं। इससे पहले होर्मुज स्ट्रेट के पास बुधवार को तेल टैंकर ‘एमटी सेतेबेल्लो’ पर हुए अमेरिकी हमले में 3 भारतीयों की मौत की पुष्टि हो गई है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि अब तक दो के शव बरामद कर लिए गए हैं। इसे लेकर अमेरिकी सेना ने कहा था कि सेतेबेल्लो ईरानी तेल ले जा रहा था। उसने चेतावनियों की अनदेखी की, जिसके बाद उस पर हमला किया गया। यह इस हफ्ते दूसरा मामला है जिसमें भारतीय क्रू वाले जहाज पर अमेरिका ने अटैक किया है।
इससे पहले सोमवार को अमेरिका ने तेल टैंकर द मैरिबेक्स पर हमला किया था। उस जहाज पर भी 24 भारतीय नाविक सवार थे और सभी को ओमान की सेना ने सुरक्षित बचा लिया था। वहीं भारत ने गुरुवार को कहा कि पिछले चार दिनों में ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन व्यापारिक जहाज अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की चपेट में आए। इन घटनाओं में तीन भारतीय नाविकों की भी मौत हुई है। भारत ने इस मामले को अमेरिका के समक्ष मजबूती से उठाया है। यह पहला अवसर है जब भारत ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारतीय नाविकों वाले जहाज अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई का निशाना बने हैं। आठ जून को पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर मैरिबेक्स पर अमेरिकी बलों की कार्रवाई हुई थी। जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे। इस घटना के बाद जहाज निष्क्रिय हो गया था, हालांकि सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके बाद 10 जून को पलाऊ ध्वज वाले एक अन्य टैंकर सेतेबेलो पर हमला हुआ। जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अंतर-मंत्रालयी मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत अपने समुद्री समुदाय की सुरक्षा और कल्याण को अत्यंत महत्व देता है।












