एक-दो मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री, हिजाब पर विवाद, हैदराबाद में छात्रा ने की आत्महत्या
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। देश के 22.79 लाख से ज्यादा छात्रों ने रविवार को नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा दी। देश भर में कड़ी सुरक्षा के बीच NEET परीक्षा का आयोजन किया गया। इसी बीच कई एग्जाम सेंटर के बाहर से ऐसा परीक्षार्थियों की तस्वीरें भी सामने आई, जो किसी कारण से समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाए। नियमों के कारण उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश की इजाजत नहीं मिली। एग्जाम सेंटर के बाहर कई छात्राओं के एंट्री के लिए गुहार लगाते हुए भी देखा गया, लेकिन उन्हें एंट्री नहीं मिली। परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं मिलने के छात्र रोती-बिलखती नजर आई। देश के 22.79 लाख से ज्यादा छात्रों ने रविवार को नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा दी।
इसके लिए देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,440 केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे के बीच हुई। छात्रों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक एग्जाम सेंटरों में एंट्री दी गई। एक-दो मिनट देर से पहुंचने पर मुंबई में 2 और बेंगलुरु में 4 स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं दी गई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा खत्म होने के बाद एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें उसने हर स्टूडेंट को वेलडन कहा, साथ ही इसे मुमकिन बनाने वालों को शुक्रिया कहा। यह परीक्षा हिंदी-अंग्रेजी समेत 13 भाषाओं में हुई। आज हम उन लोगों और उस तालमेल को याद कर रहे हैं, जिनकी वजह से वह दिन सफल हो पाया।
■ 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात, एयरफोर्स ने पेपर पहुंचाए
एनटीए को यह री-एग्जाम नीट-यूजी 2026 की 3 मई की परीक्षा रद्द होने के चलते कराना पड़ा है। 3 मई को हुई परीक्षा में पेपर लीक के आरोप लगे थे, जिसकी जांच हो रही है। इस बार पेपर लीक रोकने के लिए एयरफोर्स का सहारा लिया गया। पहली बार वायुसेना के विमान और हेलीकॉप्टरों ने 200 से ज्यादा उड़ानें भरकर नीट-यूजी के प्रश्न पत्र देश के अलग-अलग जोन तक पहुंचाए। री-एग्जाम के लिए 2 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। एनटीए के मुताबिक, 95 हजार से ज्यादा एग्जाम सेंटरों में सीसीटीवी से निगरानी हुई। कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए थे।











