प्रधान न्यायाधीश को लिखे पत्र में विपक्ष की गुहार
लोकवाहिनी, संवाददाता |
नई दिल्ली। विपक्षी इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं ने प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को पत्र लिखकर देश का लोकतंत्र ‘खतरे में’ होने का दावा किया और चुनावी प्रक्रिया तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि जब सभी संस्थागत तंत्र विफल हो जाते हैं तो नागरिकों की अंतिम उम्मीद न्यायपालिका ही होती है। बीते 28 जून को विपक्ष के 23 दलों के नेताओं ने यह पत्र लिखा था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई अन्य नेताओं ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं। पत्र में इन नेताओं ने कहा कि वे सामान्य परिस्थितियों में न्यायपालिका को इस प्रकार का पत्र नहीं लिखते, लेकिन उन्हें लगता है कि देश का लोकतंत्र खतरे में है और इसलिए उन्होंने यह असाधारण कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि संसद, न्यायपालिका, मीडिया और कार्यपालिका लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभ हैं तथा इन संस्थाओं के बीच सहयोगात्मक व्यवस्था से ही लोकतंत्र मजबूत रह सकता है।












