लोकल ट्रेन बाधित, मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक आपदा बताया, आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई/पुणे। मुंबई और उसके आसपास के शहरों में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने इन इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया और कई जगहों पर भूस्खलन हुआ, जिसके कारण अधिकारियों को महत्वपूर्ण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को बंद करना पड़ा और कुछ खंडों पर रेलवे परिचालन को निलंबित करना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि पुणे जिले की मावल तहसील के पाटन गांव में भूस्खलन के कारण एक घर के मलबे में दब जाने से दो लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुणे की खेड़ तहसील में बाढ़ की चपेट में आने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि पिछले तीन से चार दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ठाणे शहर में उखड़े हुए एक विशाल पेड़ को हटाने के दौरान एक दमकलकर्मी घायल हो गया, जबकि अलग-अलग घटनाओं में एक बड़ा होर्डिंग और दो दीवारें गिर गईं। उन्होंने बताया कि पड़ोसी पालघर में भी तेज हवाओं के कारण एक आवासीय स्कूल के टिन शेड उड़ गए और पेड़ उखड़ गए, हालांकि संस्थान के सभी 350 छात्र सुरक्षित हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई और पड़ोसी ठाणे तथा रायगढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
मुख्यमंत्री की नागरिकों से अपील
मुंबई और उसके उपनगरों में हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागरिकों से अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी एजेंसियां भारी बारिश से पैदा होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। नागरिकों को बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए और जरूरी काम न होने पर यात्रा करने से बचना चाहिए। कृपया प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों और सुरक्षा सलाहों का पालन करें। चूंकि दोपहर में स्थिति और खराब हो सकती है, इसलिए सभी से आग्रह है कि वे यात्रा करने या घर से बाहर निकलने से पूरी तरह बचें।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और विधानसभा में भी बयान दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि भारी बारिश का यह संकट आठ जुलाई तक जारी रह सकता है, जिसके कारण पूरे सरकारी तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने मंगलवार को नासिक के कुछ हिस्सों में बादल फटने जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई। फडणवीस ने कहा कि अत्यधिक बारिश एक ‘प्राकृतिक आपदा’ जैसी स्थिति है, जो मानवीय नियंत्रण से बाहर है।
नासिक पर बादल फटने का खतरा, मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद
नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में 7 जुलाई को बादल फटने की प्रबल संभावना जताई गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा एक ही दिन में 300 मिमी तक रिकॉर्ड वर्षा होने का अनुमान घोषित किए जाने के बाद पूरा नासिक जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया है। इस संभावित प्राकृतिक आपदा की पृष्ठभूमि में नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डी. एस. स्वामी और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में तत्काल प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बड़े फैसलों की घोषणा की। यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आज रात से ही त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और सप्तश्रृंगी मंदिर को परसों तक श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तृत जानकारी देते हुए जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने कहा, 7 जुलाई को बादल फटने जैसी बारिश की चेतावनी त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी और नासिक-त्र्यंबकेश्वर के बीच के क्षेत्र के लिए है। नासिक के पेठ तालुका में भी यह चेतावनी लागू है। नासिक, इगतपुरी और त्र्यंबकेश्वर तालुकाओं में भारी बारिश होने की संभावना है। इसलिए नासिक, इगतपुरी और त्र्यंबकेश्वर तालुकाओं में लगने वाले साप्ताहिक बाजार तथा स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई है।
सातारा में पुल टूटा, क्रेन से कारें निकालीं
महाराष्ट्र के सातारा जिले के महाबलेश्वर में वेण्णा नदी का पुल मूसलाधार बारिश के कारण टूट गया, जिससे 10-12 पर्यटक होटल की तरफ फंस गए। प्रशासन और बचाव दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकाला और उनकी कारों को क्रेन की मदद से बाहर निकाला। वेण्णा नदी पुल हादसे की मुख्य बाते यह घटना झील के पास वाले इलाके में हुई, जहां पिछले 24 घंटों में 513 मिलीमीटर रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बहुत बढ़ गया, जिससे संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं, लेकिन जनता के सहयोग से ऐसी आपातकालीन स्थितियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा, पूरा आपदा प्रबंधन तंत्र, नगर निगम, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा, पूरा आपदा प्रबंधन तंत्र, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा, पूरा आपदा प्रबंधन तंत्र, नगर निगम, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा, पूरा आपदा प्रबंधन तंत्र, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें पूरी तरह मुस्तैद (हाई अलर्ट पर) हैं।












