नागपुर। शहर के बुनियादी विकास के लिए 2250 करोड़ रुपए की बकाया संपत्ति कर में से 30 दिनों के भीतर 1 हजार करोड़ रुपये की वसूली करने का कड़ा निर्देश मनपा आयुक्त डॉ विपिन ने दिया है। इस वसूली को पूरा करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर चल और अचल संपत्ति जपती समेत कड़े कदम उठाने का भी आदेश दिया है। शहर में बकाया संपत्ति कर वसूली के लिए महानगरपालिका से 20 अगस्त से 30 सितंबर तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान की रूपरेखा को तैयार करने के लिए मनपा आयुक्त डॉ. विपिन की अध्यक्षता में नियोजन भवन में कर संग्राहकों की कार्यशाला हुई। इस अवसर पर प्रमुख रूप से अतिरिक्त आयुक्त अंकित, मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी सदाशिव शेलके, उपायुक्त मंगेश खवले, गणेश राठोड, अशोक गराटे, सहायक आयुक्त अनिकेत धोपड, राजकुमार मेश्राम, हरीश राऊत, प्रमोद वानखेडे, विकास रायबोले, धनंजय जाधव समेत सभी जोन के कर संग्राहक और सुपरवाइजर उपस्थित थे।
मनपा आयुक्त ने मार्गदर्शन करते हुए आगे कहा कि शहर में करीब 2250 करोड़ रुपए की संपत्ति कर की रकम बकाया बनी हुई है। अभियान में 1 हजार करोड़ रुपए की वसूली के लिए बड़े बकायदारों की सूची बनाकर पुरजोर प्रयास करें। तमाम प्रयासों के बाद भी भुगतान नहीं करने वालों पर पेयजल नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई करे। व्यावसायिक संपत्तियों के बकायदारों की चल संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएं। कार्रवाई के फोटो और वीडियो बनाकर सार्वजनिक करें। कर वसूली के लिए आवश्यकता होने पर पुलिस बंदोबस्त लेकर कार्रवाई करें, इतना ही नहीं बगैर कोई दबाव के कर वसूली को प्राथमिकता दे। शहर के संवेदनशील स्थानों पर कर संग्राहक एनडीएस पथक और पुलिस की सहायता ले। बैठक में आयुक्त डॉ विपिन ने कर वसूली के लिए बेहतरीन काम करने वाले कर संग्राहकों को पुरस्कार देने की घोषणा की। इसके साथ ही आयुक्त ने उपस्थित कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया। इतना ही नहीं कर वसूली में सहभागी नहीं होने वाले कर्मचारियों पर भी कठोर कार्रवाई करने की ताकीद दी गई है। बैठक के आरंभ में अतिरिक्त आयुक्त
मुरुगान्थम ने पीपीटी के माध्यम से कर वसूली अभियान की जानकारी दी। इसके साथ कर संग्राहकों को संपत्ति जपती और नोटिस देने की कार्रवाई के लिए कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन भी किया। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त मिलिंद मेश्राम ने प्रत्येक कर संग्राहकों को सर्वाधिक संपत्ति कर बकायदारों की सूची तैयार करने और न्यायालयीन मामलों से जुड़ी संपत्ति को छोड़कर अन्य बकायदारों से वसूली को लेकर कर संग्राहकों को कार्रवाई करने की प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। संपत्ति कर विभाग में नियुक्त, लेकिन अन्य विभागों में कामास्तव कार्यरत कर्मचारियों को संबंधित विभाग प्रमुख से कार्यमुक्त करने का भी निर्देश दिया। इस मामले में जल्द ही कार्यवाही नहीं होने पर संबंधित विभाग प्रमुख पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।












