राहुल की महिला सशक्तीकरण की बात पाखंड
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को पुणे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की छात्राओं के साथ बातचीत की आलोचना करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के राजनीतिक रुख को पाखंड करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक ओर महिला सशक्तीकरण की बात करते हैं, लेकिन दूसरी ओर संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करते हैं। फडणवीस ने यह बात रविवार को नागपुर में आयोजित मंथन 4 युवा के समापन समारोह के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कही। बातचीत के दौरान कांग्रेस को दिखावा करने वालों और बड़बोले लोगों की दिशाहीन पार्टी करार देकर खारिज कर दिया, जो टेलीविजन के माध्यम से प्रासंगिक बने रहने के लिए भाषण देते हैं राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में अपने ‘छात्राओं की गुंज’ संवाद कार्यक्रम के दौरान छात्राओं से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ‘मनुस्मृति वाली सोच’ की कड़ी आलोचना की और महिलाओं से ‘पितृसत्ता को खत्म करने’ का आह्वान किया। नेता प्रतिपक्ष ने सा ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा, जिन्होंने जंतर-मंतर पर हालिया विरोध-प्रदर्शन के दौरान लड़कियों द्वारा अपशब्दों का इस्तेमाल किए जाने की बात सुनकर कथित तौर पर हैरानी जताई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता चित्रा वाघ के उस सवाल का जवाब चाहिए कि वह महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने से क्यों इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक प्रक्रिया में संसद सबसे बड़ी संस्था है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि 33 प्रतिशत सांसद महिलाएं हों। फडणवीस ने कहा, पुणे आकर महिलाओं के बारे में बात करना और फिर उसी विधेयक का विरोध करना, जो उन्हें असल ताकत देगा, यह राहुल गांधी का पाखंडपूर्ण रवैया है। उन्होंने कहा कि मंच से तो राहुल गांधी ने महिलाओं के सशक्तीकरण की बात की, लेकिन महिलाओं को अधिकार देने वाले सबसे क्रांतिकारी कदम महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया और उसके खिलाफ मत दिया। (पेज 6 पर)
जेन-जी और युवाओं से संवाद
फडणवीस ने ‘मंथन 4 युवा’ में जेन-जी और युवाओं से संवाद करते हुए अपनी राजनीतिक यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि राजनीति उनके लिए व्यवसाय या कमाई का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का मिशन है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल दर्शक बनकर न रहें, बल्कि समाज और महाराष्ट्र के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम में जेन-जी, जेन-अल्फा और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवाओं को संवाद का अवसर दिया गया। आयोजकों की ओर से एक लाख से अधिक युवाओं, 500 से ज्यादा स्कूल-कॉलेजों, 600 कैंपस एंबेसडर्स और 1,500 स्वयंसेवकों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। फडणवीस ने अपने संबोधन के जरिए युवाओं के सामने अपनी राजनीतिक यात्रा और वैचारिक पृष्ठभूमि भी रखी। लाल चौक और रामजन्मभूमि आंदोलन के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि उनकी राजनीति की शुरुआत सत्ता की राजनीति से नहीं, बल्कि विचार और सामाजिक बदलाव की प्रतिबद्धता से हुई। 1992 में बाबरी ढांचा गिराए जाने के समय वह अयोध्या में मौजूद थे और आज भी उस समय वहां रहने पर उन्हें गर्व है। कार्यक्रम में 585 ध्वजधारी ढोलवादकों ने हिस्सा लेकर एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया।











