पावर प्लांट व पुल बहे, 1000 से ज्यादा लापता, इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक
लोकवाहिनी, संवाददाता
काठमांडू। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी। सुबह 9 बजे तिब्बत की दिशा से भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आया जिसमें कई इलाके चपेट में आ गए। नेपाली मीडिया के मुताबिक, अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 1000 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि जिस ग्लेशियर झील के फटने से अचानक बाढ़ आई थी, वहां अभी भी करीब 7 मीटर ऊंचा पानी का बांध बना हुआ है। यह कभी भी टूट सकता है। नुकसान का पूरा आंकड़ा अभी साफ नहीं है। रेस्क्यू टीमों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
नेपाल सरकार ने आज संसद में बताया कि रसुवा की भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। सरकार के मुताबिक, सुबह 8:37 बजे इलाके में भूकंप के झटके महसूस किए गए और इसके बाद हिमस्खलन के कारण बाढ़ आने की शुरुआती जानकारी मिली है। हालांकि, इस वजह की अभी पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई है। बाढ़ से रसुवा के साथ नुवाकोट और धाडिंग के आसपास के इलाकों में भी नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़ी राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई। सरकार ने प्रभावित लोगों की तलाश, रेस्क्यू और राहत के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को काम में लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कैबिनेट की इमजेंसी मीटिंग में जरूरी फैसले लिए गए। लेकिन इस तबाही की सबसे बड़ी वजह अभी रहस्य बनी हुई है।
1000 लोग और 60 से ज्यादा घर बाढ़ में बहे
तिब्बत की तरफ से भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में आई बाढ़ के कारण 1000 लोग बह गए हैं। वहीं बाढ़ के पानी ने नुवाकोट के त्रिशूल बाजार के पास करीब 60 घरों को बहा दिया। दो मोटर योग्य पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। देवघाट इलाके में भी बाढ़ का असर पड़ा है। 300 से ज्यादा गाड़ियों के बहने का भी अनुमान है। बाढ़ से त्रिशूल और देवघाट जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 25 मेगावाट के एक सोलर पावर प्लांट के तीन ब्लॉक और एक सब-स्टेशन भी बाढ़ में बह गए।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ स्टैंडबाय में सी-17, सी-130जे और सी-295
नेपाल को भयंकर बाढ़ से उभारने के लिए भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। भारतीय वायु सेना ने नेपाल की मदद के लिए अपने ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट बेड़े सी-17, सी-130जे और सी-295 को स्टैंडबाय पर रखा है। सूत्रों के मुताबिक बुधवार (26 अगस्त 2026) की रात को एक सी-130जे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए उड़ान भर सकता है। इससे पहले पीएम मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह से फोन पर बात कर इस त्रासदी पर दुख जताया और भारत की तरफ से हर संभव मदद का वादा किया।













