मुखबिरी के शक में वारदात, आंखों में मिर्च पाउडर डालकर चाकू से किए वार, सात आरोपियों पर मामला, चार गिरफ्तार
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। नंदनवन थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम गैंगवार के चलते कुख्यात अपराधी अक्षय वंजारी (25) की हत्या कर दी गई। सोमरस बार से नीचे आने के बाद आरोपियों ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डालकर हमला किया और चाकू से कई वार किए। गंभीर रूप से घायल अक्षय की बुधवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर चार को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज विलास लांजेवार, वंदना विलास लांजेवार, प्रशांत आखरे और हार्दिक पालनकर, सभी लकड़गंज निवासी, के रूप में हुई है। प्रदीप आखरे समेत तीन आरोपी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त को सूरज लांजेवार के भाई आकाश लांजेवार को चोरी के मामले में नंदनवन पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सूरज को संदेह था कि अश्विन उर्फ सोनू अमित रहांगडाले ने पुलिस को आकाश के बारे में जानकारी दी थी। इसी बात को लेकर मंगलवार सुबह सूरज ने अश्विन को ‘मुखबिरी’ करने का आरोप लगाते हुए धमकी दी थी। मंगलवार शाम करीब सात बजे अश्विन रहांगडाले, अक्षय वंजारी और उनके कुछ साथी सोमरस बार में बैठे थे। इसी दौरान पत्नी का फोन आने पर अक्षय बार से नीचे आया। आरोप है कि नीचे वंदना लांजेवार ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया। इसके बाद प्रदीप आखरे, प्रशांत आखरे, सूरज लांजेवार समेत अन्य आरोपियों ने अक्षय के साथ मारपीट की। जान बचाकर अक्षय वापस बार की ओर भागा और अपने साथियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद सभी नीचे आए। आरोप है कि प्रदीप आखरे ने लोहे के हथियार से हमला किया, जबकि प्रशांत आखरे और सूरज लांजेवार ने चाकू से अक्षय पर वार किए। अन्य आरोपियों ने भी लात-घूंसों से उसकी पिटाई की। अक्षय को बचाने के लिए अश्विन रहांगडाले ने हस्तक्षेप किया तो आरोपियों ने उस पर भी चाकू से हमला करने का प्रयास किया, लेकिन वह बाल-बाल बच गया। हमले में गंभीर रूप से घायल अक्षय को अश्विन रहांगडाले ने दोपहिया वाहन से निजी अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। नंदनवन पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
अक्षय पर पहले से कई आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार, अक्षय वंजारी के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज था। उसके खिलाफ तड़ीपार और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी थी। उस पर एमडी तस्करी समेत कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी है। पुलिस द्वारा विभिन्न मौकों पर उसे हिरासत में भी लिया जाता था। वहीं, आकाश लांजेवार भी आपराधिक गतिविधियों के लिए कुख्यात बताया जाता है और अक्षय के साथ उसका वर्चस्व को लेकर विवाद रहा था। सूरज लांजेवार के खिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।











