ईरान समर्थित होती विद्रोहियों के हमलों के बाद सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को भारतीय नागरिकों से कहा कि वे सउदी अधिकारियों द्वारा राष्ट्रीय आपातकालीन पूर्व चेतावनी मंच के माध्यम से आपात चेतावनी मिलने पर जारी किए गए अद्यतन निर्देशों पर ध्यान दें और उनका पालन करें।
सोशल मीडिया मंच के माध्यम से साझा किए गए इन निर्देशों में लोगों से शांत रहने, आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और तुरंत किसी इमारत के अंदर सबसे सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी गई है और यह भी कहा गया है कि खतरा टलने तक बेहतर होगा कि वे हमले की स्थिति में खिड़कियों से दूर किसी अंदरूनी कमरे में ही रहें।
लोगों को सलाह दी गई है कि खतरा टलने तक वे अपने घरों या इमारतों से बाहर नहीं निकलें। उन्हें खुली जगहों, खिड़कियों और कांच से दूर रहने तथा बालकनी या छत पर नहीं जाने की सलाह दी गई है। जो लोग बाहर हैं उनसे कहा गया है कि ये किसी नजदीकी इमारत में चले जाएं या किसी मजबूत दीवार की ओट में शरण लें। इन निर्देशों में लोगों को भीड़-भाड़ वाली और खतरनाक जगहों से दूर रहने तथा तस्वीरें नहीं लेने की भी सलाह दी गई है। वाहन चलाते समय चेतावनी मिलने पर लोगों को पुलों और ऊंची इमारतों से दूर सड़क किनारे वाहन रोकने को कहा गया है।
निर्देशों में कहा गया है कि मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत में किसी भी खतरे या आपात स्थिति में लोग आपातकालीन नंबर 911 पर फोन कर सकते हैं जबकि सउदी अरब के बाकी हिस्सों में ये 998 पर कॉल कर सकते हैं। लोगों से यह भी कहा गया है कि वे संबंधित अधिकारियों द्वारा आधिकारिक माध्यमों से जारी किए गए निर्देशों का पालन करें। ये निर्देश ऐसे समय में आए हैं जब यमन के होती विद्रोहियों द्वारा सउदी अरब को निशाना बनाकर किए जाने वाले ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इनमें 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ घातक हमला भी शामिल है। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो हो गए जिसके बाद भारतीय दूतावास ने अपनी सुरक्षा सलाह को फिर से दोहराया है।
दूतावास की यह ताजा सलाह 10 अक्टूबर के हमले के तुरंत बाद भारतीय नागरिकों से की गई उस अपील के बाद आई है जिसमें उनसे स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने, हवाई हमले की स्थिति में घर के अंदर रहने और जारी घटनाओं से जुड़ी जानकारी, तस्वीरें या वीडियो को रिकॉर्ड करने, प्रकाशित करने या साझा करने से बचने के लिए कहा गया था।















