मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी दलों के आंदोलनों पर साधा निशाना
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। यदि किसी लोकतांत्रिक शासन में बदलाव लाना है, तो उसे चुनाव के माध्यम से ही करना होगा। इसके लिए लोगों का समर्थन जीतना होगा। भारत के संविधान को त्यागकर, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी व्यवस्था स्थापित करने की कल्पना रखने वाले लोग सफल नहीं हो पाएंगे। देश में निर्णय संसद में होंगे, सड़कों पर नहीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नागपुर में मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए, विपक्षी दलों के आंदोलनों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में निर्णय संसद में होंगे, सड़कों पर नहीं। उन्होंने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर भी तंज कसा। जब उनके पार्टी ने हिंदुत्व और हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे के विचारों को त्याग दिया, तो पार्टी में अशांति पैदा हो गई। जो लोग बालासाहेब के विचारों का पालन करते थे, उन्होंने ही असली शिवसेना का निर्माण किया। ऐसे लोगों को भारत के संविधान के खिलाफ खड़े होने की आवश्यकता नहीं है। लोकतंत्र में, चुनाव के माध्यम से ही सत्ता परिवर्तन हो सकता है। जो लोग संविधान को अस्वीकार करते हैं और अन्य देशों की तरह सत्ता परिवर्तन करने की कोशिश करते हैं, वे कभी भी सफल नहीं हो पाएंगे। फडणवीस ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे लोगों का उद्देश्य संविधान को ही समाप्त कर देगा। देवेंद्र फडणवीस ने प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन संबंधी बयान पर भी पलटवार किया था। हो गया भाई, सब कुछ सार्वजनिक हो चुका है। अंततः यह सब सत्ता परिवर्तन के लिए है। अंततः जो मन में था वही जुबान पर आ गया।
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में, सुधाकर कोहले निश्चित रूप से पहले वरीयता प्राप्त करेंगे और उन्हें दूसरे वरीयता प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी। अमरावती में किरण सरनाईक महायुति के उम्मीदवार हैं, और भाजपा उनका समर्थन कर रहा है। पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. स्मिता जाधव महायुति की उम्मीदवार हैं, और पूरी महायुति उनका समर्थन कर रही है।











