सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज
लोकवाहिनी, संवाददाता
अमरावती। महाराष्ट्र की राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, यह बात एक बार फिर अमरावती में देखने को मिली। शिवसेना शिंदे गुट के विधान परिषद सदस्य बच्चू कडू और युवा स्वाभिमान पार्टी के विधायक रवि राणा गुरुवार को एक साथ नजर आए। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से राजनीतिक टकराव रहा है। ऐसे में उनकी मुलाकात ने जिले के सियासी गलियारों में चर्चाओं को तेज कर दिया है।
अमरावती विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव का सार्वजनिक प्रचार समाप्त हो चुका है, लेकिन राजनीतिक बैठकों का दौर जारी है। महायुति की ओर से शिवसेना शिंदे गुट के उम्मीदवार और मौजूदा विधायक किरण सरनाईक चुनाव मैदान में हैं। इस चुनाव को महायुति के लिए प्रतिष्ठा का सवाल माना जा रहा है। उम्मीदवार के समर्थन में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अमरावती में सभा की थी।
इसी बीच गुरुवार को अमरावती स्थित श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल में बच्चू कडू और रवि राणा की मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई और भाजपा के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। दोनों कट्टर राजनीतिक विरोधियों का एक साथ नजर आना चर्चा का विषय बन गया है। बच्चू कडू और रवि राणा के बीच विवाद लोकसभा चुनाव के दौरान और गहरा गया था। महायुति में शामिल होने के बावजूद बच्चू कडू ने भाजपा उम्मीदवार नवनीत राणा के खिलाफ प्रहार जनशक्ति पार्टी की ओर से दिनेश बुब को चुनाव मैदान में उतारा था। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और राजनीतिक दूरियां बढ़ गईं। हालांकि, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के बहाने दोनों नेताओं का एक साथ आना नए राजनीतिक समीकरणों की अटकलों को हवा दे रहा है।
शिक्षकों की समस्याएं सुलझने की उम्मीद : रवि राणा
विधायक रवि राणा ने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी इस चुनाव पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सरकार में शामिल महायुति का उम्मीदवार जीतता है, तो शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की उम्मीद मजबूत होगी। फिलहाल, बच्चू कडू और रवि राणा की इस मुलाकात ने अमरावती की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब देखना होगा कि चुनावी जरूरत के तहत बनी यह एकजुटता आगे भी कायम रहती है या दोनों नेताओं के बीच पुराना राजनीतिक टकराव फिर सामने आता है।
विधायक बच्चू कडू समेत छह पर एफआईआर
चंद्रपुर। चंद्रपुर जिले में स्थानीय भूमिपुत्रों को वेकोलि (वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) में 80 प्रतिशत नौकरियों में प्राथमिकता देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर निकाले गए पैदल मार्च के मामले में विधायक बच्चू कडू समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। घुग्घुस पुलिस ने बिना अनुमति मार्च निकालने, गैरकानूनी रूप से भीड़ जमा करने, कथित तौर पर भाषण में पुलिसकर्मियों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और तहसीलदार को पुल के नीचे फेंकने की धमकी देने के आरोप में यह कार्रवाई की है।
पुलिस द्वारा दर्ज मामले में विधायक बच्चू कडू के अलावा पांच अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। इनमें, बच्चू कडू, विधायक, निवासी बेलशेरा, अचलपुर, अमरावती। मुकुंद मनोजराव जीवतोडे, शिवसेना (शिंदे गुट) के चंद्रपुर-वणी-आर्णी लोकसभा क्षेत्र के संपर्कांक, निवासी बरोरा। रोशन राजाराम हरबड़े, निवासी नांदा फाटा, कौरपना। अमोल नथुजी मांडरे, निवासी घुग्घुस। नथुू भाऊराव नवले, निवासी नकौड़ा, घुग्घुस। सतीश बीडकार, निवासी गढ़चांदूर। इन सभी के खिलाफ घुग्घुस पुलिस ने मामला दर्ज किया है। आरोपों के संबंध में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहने की जानकारी सामने आई है। इस मामले के बीच विधायक बच्चू कडू द्वारा पुलिस के संबंध में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा को लेकर भी विवाद बढ़ गया है।
गणेशोत्सव से लेकर नवरात्रोत्सव तक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगातार दिन-रात ड्यूटी रही। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों के प्रति इस तरह की भाषा के इस्तेमाल से उनके परिवारों में नाराजगी होने का दावा पुलिस साँझ संगठन ने किया है। घटना के विरोध में ‘पुलिस साँझ’ संगठन ने महाराष्ट्र में तीव्र आंदोलन करने का निर्णय लिया है। संगठन की ओर से सभी जिलों के जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जाने की भी तैयारी है। संगठन के महाराष्ट्र उपाध्यक्ष और चंद्रपुर जिलाध्यक्ष भुवनेश्वर निमगाडे ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के सम्मान का मुद्दा गंभीर है और इस मामले में संगठन अपना विरोध दर्ज कराएगा। वेकोलि में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग से शुरू हुआ यह मामला अब कानूनी कार्रवाई और पुलिसकर्मियों के सम्मान से जुड़े विवाद के कारण चर्चा में आ गया है।
महायुति की जीत का बच्चू कडू ने जताया भरोसा
बच्चू कडू ने विश्वास जताया कि इस चुनाव में महायुति के उम्मीदवार की जीत होगी। उन्होंने कहा कि बगावत का महायुति को बड़ा नुकसान नहीं होगा। इसके उलट, वरीयता क्रम से होने वाले मतदान में广大 कर उम्मीदवार को फायदा भी मिल सकता है। बच्चू के मुताबिक, सांसद डॉ. अनिल बोडे, विधायक प्रवीण पोटे, विधायक रवि राणा और वे स्वयं महायुति के रूप में एक साथ आए हैं।













