5 सीटों पर मतदान आज, 182 उम्मीदवार मैदान में
मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिये शुक्रवार को होने वाले चुनावों में सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महाविकास आघाडी अपनी ताकत आजमाने के लिए तैयार हैं। इन सीटों पर कुल 182 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य की 78 सदस्यीय विधान परिषद में पांच सीटों—तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों—के लिए द्विवार्षिक चुनाव होने हैं। ये निर्वाचन क्षेत्र हैं- पुणे संभाग स्नातक, नागपुर संभाग स्नातक, पुणे संभाग शिक्षक, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्नातक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, शुक्रवार को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्तूबर को होगी। चुनाव प्रक्रिया 31 अक्तूबर तक पूरी कर ली जाएगी। संबंधित भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाले पंजीकृत स्नातक और शिक्षक इन चुनावों में मतदान करने के पात्र हैं। पांच निवर्तमान सदस्य, जिनका कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त हो रहा है, वे हैं सतीश चव्हाण (छत्रपति संभाजीनगर स्नातक), अरुण लाड (पुणे स्नातक), अभिजीत वंजारी (नागपुर स्नातक), किरण सरनाईक (अमरावती शिक्षक) और जयंत असगांवकर (पुणे शिक्षक)। महायुति – जिसमें भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राकांपा शामिल हैं- और विपक्षी महाविकास आघाडी (एमवीए)- जिसमें कांग्रेस, शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शप) और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) शामिल हैं- सभी पांच सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। (पेज 6 पर)
भाजपा के लिए नागपुर सीट अहम
भाजपा के लिए नागपुर की सीट का महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि वह यहां 2020 की हार दोहराना नहीं चाहती। सीट वापस जीतने के लिए पार्टी ने अपना पूरा संगठन मैदान में उतार दिया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का समर्थन जुटाने पर भी जोर दिया जा रहा है। 2020 में भाजपा के उम्मीदवार संदीप जोशी कांग्रेस के अभिजीत वंजारी से हार गए थे। संदीप जोशी नागपुर के पूर्व महापौर थे और उस समय देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाते थे। भाजपा के लिए यह हार बड़ा झटका थी। नागपुर आरएसएस का मुख्यालय है और फडणवीस तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर भी है। इस सीट से पहले नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस के पिता गंगाधरराव फडणवीस जैसे बड़े नेता विधान परिषद पहुंच चुके हैं। इस बार नतीजा बदलने के लिए देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में दो दिन बिताए। उन्होंने पार्टी के मौजूदा पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें कीं, ताकि आपसी तालमेल बेहतर हो सके। उन्होंने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार किया और पंजीकृत स्नातक मतदाताओं तथा शिक्षकों से संपर्क साधा।














