वायरल ऑडियो क्लिप की जांच हो : जरांगे
लोकवाहिनी, संवाददाता
जालना/मुंबई। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उन्हें चुप कराने और उनके आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई है। जरांगे ने एक वायरल ऑडियो क्लिप की जांच की मांग की, जिसमें आरोप लगाया गया है कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से उन्हें 500 करोड़ रुपये दिए गए। सत्तारूढ़ शिवसेना के नेताओं ने हालांकि पलटवार करते हुए इसे एकनाथ शिंदे और पार्टी को बदनाम करने की साजिश करार दिया।
उन्होंने दावा किया कि ऑडियो क्लिप में सुनाई देने वाली आवाजें भाजपा नेताओं की हैं और इसकी फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की। जालना जिले की अंबड़ तहसील के अंकुशनगर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जरांगे ने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनाई और इसके पीछे की साजिश की जांच कराने के साथ ही बातचीत में शामिल लोगों की पहचान उजागर करने की मांग की। कथित बातचीत में एक व्यक्ति यह दावा करता सुनाई देता है कि सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से जरांगे को पहले ही 500 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
रिकॉर्डिंग के एक अन्य हिस्से में विधानसभा चुनावों में जरांगे के प्रभाव से पार्टी को होने वाले संभावित लाभ पर चर्चा की गई है। रिकॉर्डिंग में व्यक्तियों को मराठवाड़ा में जरांगे के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने की रणनीतियों पर चर्चा करते हुए भी सुना जा सकता है। जरांगे इस क्षेत्र में मराठा आरक्षण, किसानों और कर्ज माफी से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। संवाददाता सम्मेलन में जरांगे ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से उन्हें बदनाम करने और उनके आंदोलन को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से कथित साजिश के पीछे के लोगों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच का आदेश देने की मांग की।
जरांगे ने कहा, हमारे पास सूत्र हैं और इस मामले को देखना मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्री पर निर्भर करता है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें चुप कराने के प्रयास किए गए हैं। जरांगे ने आरोप लगाया, अगर मुख्यमंत्री फडणवीस इस क्लिप की जांच नहीं कराते हैं, तो इसका मतलब है कि वह खुद इस साजिश में शामिल हैं।
इस बीच, जरांगे के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मंत्री और शिवसेना नेता उदय सामंत ने दावा किया कि कथित ऑडियो क्लिप में बातचीत करने वाले लोग भाजपा से जुड़े हैं। सामंत ने ऑडियो क्लिप की जांच की मांग करते हुए सवाल किया कि इसे व्यापक रूप से प्रसारित क्यों किया गया। उन्होंने कहा, अगर यह ऑडियो क्लिप सही है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बातचीत में केवल श्रीकांत शिंदे का जिक्र नहीं है। एकनाथ शिंदे और शिवसेना को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। इस क्लिप की फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए। शिवसेना नेता ने कहा कि यदि क्लिप सही पाई जाती है, तो भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। सामंत के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा है कि 500 करोड़ रुपये प्राप्त करने का सवाल ही नहीं उठता। खुद जरांगे ने भी कहा है कि उन्हें कोई पैसा नहीं मिला है।
समाजविरोधी कृत्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए : कदम
मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा कथित तौर पर पांच सौ करोड़ रुपये दिए जाने के आरोप पर शिवसेना नेता रामदास कदम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई देते हुए जरांगे पाटिल की भूमिका पर सवाल उठाए। रामदास कदम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मराठा समाज को आरक्षण और न्याय दिलाने में एकनाथ शिंदे का बड़ा योगदान होने के बावजूद, कुछ लोग उनके बारे में गलतफहमियां फैलाने का कुटिल काम कर रहे हैं। अपने ही समाज के नेता पर गलत आरोप लगाकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है। इसलिए समाजविरोधी कृत्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और इस पूरे मामले की तत्काल गहन जांच होनी चाहिए, ऐसी मांग कदम ने गृह विभाग गहन जांच करे – रामदास कदम ने कहा कि मराठा आरक्षण की कानूनी लड़ाई में और सुप्रीम कोर्ट में समाज का पक्ष मजबूती से रखने के लिए एकनाथ शिंदे ने प्रयास किए।
आरक्षण के मुद्दे पर उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, शिंदे के बारे में जरांगे पाटिल द्वारा प्रसारित की गई क्लिप दो-ढाई साल पुरानी हो या हाल की, उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है। छत्रपति संभाजीनगर, ठाणे और मुंबई से जुड़े कथित कनेक्शन के साथ-साथ क्लिप में दिए गए संदिग्ध बयानों की गृह विभाग गहन जांच करे। क्लिप का संदर्भ, उसमें दिए गए बयानों की सत्यता और उसके पीछे की पूरी घटनाक्रम की जांच करके वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए, ऐसी मांग कदम ने की।











