27 अक्टूबर को होगी मतगणना
लोकवाहिनी संवाददाता
अमरावती। शुक्रवार को हुए मतदान के बाद अमरावती विभाग के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 26 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य मतपेटियों में बंद हो गया है। अब सभी की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकेंगी हैं। नतीजों को लेकर उम्मीदवारों और उनके समर्थकों में उत्सुकता बनी हुई है।
अमरावती विभाग के अमरावती, वाशिम, यवतमाल, बुलढाणा और अकोला इन पांच जिलों में कुल 81 मतदान केंद्रों पर सुबह 8 बजे से दोपहर 4 बजे तक मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई। सुबह के सत्र में मतदान की गति कुछ धीमी रही, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद मतदान केंद्रों पर शिक्षक मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मतदान समाप्त होने तक कई केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ बनी रही। मतदान केंद्रों के बाहर उम्मीदवारों के समर्थकों, कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की अच्छी-खासी मौजूदगी दिखाई दी। महाविकास आघाडी और महायुति के वरिष्ठ नेता अपने-अपने समर्थकों के साथ सक्रिय नजर आए। वहीं, शिक्षक संगठनों और विभिन्न शिक्षक आघाड़ियों के प्रतिनिधियों ने भी चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाई।
अमरावती के मुख्य केंद्र पर मौजूद नेता मोबाइल फोन के माध्यम से यवतमाल, वाशिम, अकोला और बुलढाणा जिलों में मतदान की स्थिति का जायजा लेते रहे। पांचों जिलों में मतदान के रुझान और मतदाताओं की भागीदारी पर राजनीतिक नेताओं की नजर बनी रही। मतदान के दौरान शिंदे गुट के किरण सरनाईक, कांग्रेस की अदिति पोहरे, प्रा. दिलीप कडू, संगीता शिर्के-बोर्डे, श्रीकांत देशपांडे, शेखर बोयर, अविनाश बोर्डे, सुरेश देवकर, दत्तात्रय लहाने और प्रा. प्रशांत विघे सहित कई उम्मीदवारों को लेकर चर्चा होती रही। शिक्षक मतदाताओं ने किस उम्मीदवार के पक्ष में अपना मत दिया है और किसे समर्थन मिला है, इसका फैसला अब मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा। 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना से उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। तब तक सभी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की निगाहें नतीजों पर टिकी रहेंगी।
मतदान केंद्रों पर उमड़ी मतदाताओं की भीड़
चंद्रपुर। विधान परिषद के नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए वरोरा शहर के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगी रहीं। विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी के कारण मतदान केंद्रों पर उत्साहपूर्ण माहौल दिखाई दिया। इस चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी, भाजपा के सुधाकर कोहले और निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराळे सहित अन्य उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य मतपेटियों में बंद हो रहा है। प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होने से इस चुनाव पर राजनीतिक क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं। वरोरा-भद्रावती विधानसभा क्षेत्र के विधायक करन देवतले और उनकी पत्नी देवतले ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इसके अलावा वरोरा नगर परिषद की नगराध्यक्ष अर्चनाताई ठाकर सहित कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मतदान किया। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शिक्षित मतदाताओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी के चलते युवाओं सहित अन्य स्नातक मतदाताओं ने भी मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराळे को कितना समर्थन मिलता है और इसका चुनाव परिणाम पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है। अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं। मतदाताओं का अंतिम फैसला मतगणना के बाद स्पष्ट होगा।













