नई दिल्ली। चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई। राज्य में 125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं और भारी बारिश के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि चक्रवात के कारण पांच लोगों की मौत हुई है। इनमें विशाखापत्तनम जिले में बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से तीन लोगों की जान गई, जबकि अनाकापल्ली और भीमावरम में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई और 31 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
तूफान के कारण 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा-विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर 21 फ्लाइट्स रद्द की गईं। ओडिशा में भारी बारिश के चलते 16 जिलों में स्कूल बंद हैं। यहां 30 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 4,000 साइक्लोन शेल्टर बनाए गए हैं। वहीं, एहतियात के तौर पर करीब 57 हजार लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। हालांकि, तट पार करने के बाद चक्रवात कमजोर पड़ गया है, लेकिन कई इलाकों में बारिश जारी रहने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात अर्नब मंगलवार देर रात से बुधवार सुबह के बीच आंध्र प्रदेश और पुदुचेरी के यनम क्षेत्र के तट से गुजरा।














