जगत महाविद्यालय में गोंदिया जिला स्तरीय आविष्कार महोत्सव
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय का गोंदिया जिल्हास्तरीय आविष्कार महोत्सव गोरेगांव जगत कला, वाणिज्य व इंदिराबेन हरिहरभाई पटेल विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित किया गया। गोंदिया जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के सैकड़ों विद्यार्थियों द्वारा आविष्कार महोत्सव में वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन किया गया।
विद्यार्थियों की अनुसंधान प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करना, नए अनुसंधान और नवीन विचारों को मंच उपलब्ध कराना इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य है। महाराष्ट्र राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के आविष्कार अनुसंधान महोत्सव के दिशानिर्देशों के अनुसार महाविद्यालय ने महोत्सव का आयोजन किया। संस्था अध्यक्ष जगतरामजी राहांगडाले के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन गोरेगांव नगर पंचायत के नगरसेवक डॉ. एस.एच. भेरम ने किया। अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नीलकंठ लंजे ने की। प्रस्तावना डॉ. संजीव राहांगडाले ने रखी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के आईडीएल संचालक डॉ. प्रकाश इटणकर, विद्यार्थी विकास विभाग के संचालक डॉ. विजय तांगडे, आविष्कार कार्यकारी समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय ढोकले, सदस्य डॉ.निशिकांत राउत, डॉ. निलेश आवटे उपस्थित थे।
आईडीएल निदेशक डॉ. प्रकाश इटणकर ने मार्गदर्शन करते हुए विद्यार्थियों को अनुसंधान के महत्व और राष्ट्रीय विकास में नवाचार की भूमिका के बारे में जानकारी दी। आविष्कार महोत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर है, ऐसा बताया। महोत्सव में विज्ञान, वाणिज्य, कला, अभियांत्रिकी, कृषि, फार्मेसी और अन्य शाखाओं के विद्यार्थियों ने अपने अनुसंधान प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। पोस्टर प्रस्तुति, मौखिक प्रस्तुति और मॉडल प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने वैज्ञानिक विचार प्रस्तुत किए। पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, स्वास्थ्य, कृषि प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सामाजिक समस्याओं पर अनुसंधान जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर विज्ञान शाखा के परीक्षक डॉ. मयूर खेडकर, डॉ. अनिमेषचंद्र हलदार, मानकीकी परीक्षक डॉ. अमर बोदे, डॉ. अविनाश अचथ, इंजीनियरिंग परीक्षक डॉ. निलेश आवटे, डॉ. सुशांत सातपुते, वाणिज्य परीक्षक डॉ. बलदेव काकर्डे, डॉ. भावेश जसानी, चिकित्सा परीक्षक डॉ. सुहास पदमाने, डॉ. सुमित अरोरा, कृषि परीक्षक डॉ. महेश कि.कवले, डॉ. राहुल कवले इन परीक्षकों ने प्रत्येक प्रोजेक्ट का गहन मूल्यांकन किया। सहभागी शोधार्थी विद्यार्थियों को डॉ. नीलकंठ लंजे, डॉ. संजय ढोकले, डॉ. विजय तांगडे, डॉ. निलेश आवटे, डॉ. संजीव राहांगडाले के हाथों प्रथम, द्वितीय, तृतीय इस प्रकार कुल 25 विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और इसके साथ ही सभी सहभागी विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नीलकंठ लंजे ने सभी सहभागी महाविद्यालयों, मार्गदर्शकों और विद्यार्थियों को बधाई दी। विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार आयोजित इस महोत्सव ने विद्यार्थियों में अनुसंधान संस्कृति विकसित करने में बड़ा योगदान दिया है, ऐसा प्राचार्य डॉ. नीलकंठ लंजे ने बताया। कार्यक्रम की सफलता के लिए महाविद्यालय के आविष्कार समन्वयक डॉ. संजीव राहांगडाले, सभी समिति सदस्यों, प्राध्यापकों, शिक्षेत्तर कर्मचारियों और विद्यार्थी स्वयंसेवकों ने अथक परिश्रम किया। इस कार्यक्रम का संचालन प्रा. हर्ष मानकर ने किया जबकि आभार डॉ. विजय राहांगडाले ने माना।













