चढ़-उतार के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। मंगलवार सुबह नागपुर में शुरू हुई मतगणना 28 अक्टूबर को देर रात तक जारी रही। कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस के उम्मीदवार लीड लेते रहे लेकिन खबर लिखे जाने तक दोनों उम्मीदवार जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए थे। इस बीच चढ़ाव-उतार के कारण नागपुर ही नहीं पूरे राज्य में उत्सुकता बनी रही। दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता सोशल साइट पर जीत की कोरी गप्प उड़ाकर आशा में नाचते नजर आए। राज्य के पूरे राजनीतिक गलियारों की नजरें विधान परिषद के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना पर टिकी हुई थीं, वह अब रोमांचक स्थिति में पहुंचने के बाद सबकी साँसें ऊपर-नीचे होने लगी थीं। नागपुर में दूसरी पसंद के क्रम के लिए नीतीश कराले को मिले वोटों की गिनती शुरू होने के बाद उलटांटा रही। इस बीच, नीतीश कराले को मिले वोटों में दूसरी पसंद के क्रम वाले वोटों की गिनती शुरू होने के बाद इनमें से करीब 70 प्रतिशत वोट कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के खाते में जाते दिखाई दिए वहीं 30 फीसदी वोट सुधाकर कोहले के खाते में आये। इससे दोनों उम्मीदवारों के बीच वोटों के अंतर में कमी आई। खबर लिखे जाने तक करीब 13 हजार वोटों की गिनती पूरी हो चुकी थी जबकि अभी 12 हजार वोटों की गिनती जारी थी। इसलिए कुल मिलाकर रुझान को देखते हुए यहां का नतीजा बेहद कम वोटों के अंतर से आने की संभावना है।
भाजपा की मांग को प्रशासन ने किया खारिज
लगभग 15 हजार 32 मत अवैध ठहराए गए। कुछ मतदाताओं ने मतपत्रिका खाली छोड़ दी, तो कुछ ने वरीयता क्रम के बजाय ‘राइट’ का निशान लगाया। कुछ ने क्रमांक लिखकर उसके चारों ओर गोला बनाया, तो कुछ ने उम्मीदवार की तस्वीर के पास वरीयता क्रम दर्ज किया। कुछ मतदाताओं ने सीधे उम्मीदवार के सामने ‘2’ लिख खानापूर्ति की, इस तरह की गलतियों से मतगणना में 15 हजार 32 वोट अवैध ठहराए गए। बताया जाता है कि इनमें से अधिकांश वोट भाजपा के कोहले के थे। इसलिए भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले ने अवैध ठहराए गए वोटों की दोबारा जांच करने की मांग का आवेदन चुनाव प्रशासन को दिया। मतगणना के सभी प्रतिनिधियों को मत दिखाए गए। इसके बाद उन्हें अवैध घोषित किए जाने का हवाला देते हुए कोहले का आवेदन खारिज किए जाने की जानकारी चुनाव विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दी।
प्रवेश को लेकर विवाद:विधायक दटके ने पुलिस को सुनाई खरी-खोटी
नागपुर। नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान मानकापुर स्थित विभागीय खेल परिसर में प्रवेश को लेकर विवाद पैदा हो गया। प्रवेश पत्र नहीं होने के कारण पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भाजपा विधायक प्रवीण दटके ने पुलिस के साथ बहस की। नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की मतगणना मानकापुर स्थित विभागीय खेल परिसर में दूसरे दिन भी मतगणना जारी है और फिलहाल दूसरी पसंद के मतों की गिनती की जा रही थी। नतीजे की तस्वीर स्पष्ट होने का इंतजार करते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और विधायक मतगणना केंद्र पर आते दिखाई दिए। भाजपा विधायक प्रवीण दटके ने मतगणना केंद्र में प्रवेश का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने उन्हें स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का आधिकारिक प्रवेश पत्र के बिना अंदर नहीं जा सकते हैं। इस पर दटके ने विधायक होने का पहचान पत्र दिखाया। फिर भी प्रवेश के नियमों के अनुसार पुलिस ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। पुलिस ने यह स्पष्ट अस्पष्टता कि केवल विधायक होने का पहचान पत्र पर्याप्त नहीं है, बल्कि मतगणना केंद्र के लिए आवश्यक आधिकारिक प्रवेश पत्र होना अनिवार्य है। प्रवेश देने से इनकार किए जाने के बाद प्रवीण दटके नाराज हो गए। मुद्री जाने नहीं दे रहे हैं, तो किसी और को भी जाने नहीं देना, ऐसे शब्दों में उन्होंने पुलिस को खरी-खोटी सुनाई।










