सेंट्रल रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन का जन जागरूकता अभियान
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। रेलवे कर्मचारियों के बोनस सहित विभिन्न लंबित मांगों की ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए भारतीय रेलवे मजदूर संघ से संबद्ध मध्य रेलवे कर्मचारी संघ ने देशव्यापी आंदोलन किया। ‘बोनस पर समझौता क्यों?’, ‘बोनस हमारा अधिकार’ का नारा देते हुए संगठन ने नागपुर से कर्मचारियों से अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने की अपील की है.
बोनस की मौजूदा पद्धति में वृद्धि की जाए, महंगाई व आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बोनस का पुनर्निर्धारण किया जाए और 2025-26 वर्ष के बोनस का बकाया या संबंधित भुगतान तत्काल किया जाए, ऐसी प्रमुख मांगें इस दौरान की गईं। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें 2026 के बजाय 2027 में लागू होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को 30 प्रतिशत अंतरिम आर्थिक राहत दी जाए, ऐसी मांग भी संगठन ने की है। रेलवे कर्मचारियों के मुद्दों पर दोनों मान्यता प्राप्त फेडरेशन की भूमिका पर्याप्त आक्रामक नहीं होने का आरोप संगठन ने लगाया।
बोनस के मुद्दे पर कर्मचारियों के अधिकारों से समझौता करने वाली नीति बंद की जाए और कर्मचारियों की मांगों के लिए ठोस रुख अपनाया जाए, ऐसी मांग पत्र के माध्यम से की गई है। आंदोलन के पहले चरण में 22 से 26 अक्टूबर के बीच शाखा स्तर पर जनजागरण अभियान और बैठकें आयोजित की गईं। इसके बाद 27 व 28 अक्टूबर को मंडल स्तर पर तथा मंडलीय व जोनल मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन और गेट मीटिंग आयोजित की गई। मध्य रेलवे कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मिलिंद झगड़े और महासचिव सागर सिंह तोमर के नेतृत्व में यह आंदोलन चलाया जा रहा है, ऐसा संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया है। बोनस और अन्य आर्थिक मांगों के संबंध में रेलवे प्रशासन और केंद्र सरकार क्या रुख अपनाते हैं, इस पर कर्मचारियों की नजरें टिकी हुई हैं.











