नासिक-त्र्यंबकेश्वर में ध्वजारोहण से होगी शुरुआत, मुख्यमंत्री फडणवीस मौजूद रहेंगे, कुशावर्त कुंड पूजा-अर्चना करेंगी राष्ट्रपति मुर्मू
लोकवाहिनी, संवाददाता
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक-त्र्यंबकेश्वर में होने वाले आगामी ‘सिंहस्थ कुंभ मेला’ के लिए एक एकीकृत आधिकारिक वेब पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और आने वाले लोगों को उनकी कुंभ यात्रा की योजना बनाने और मार्गदर्शन के लिए एक विश्वसनीय और एकल स्रोत (सिंगल-पॉइंट) जानकारी उपलब्ध कराना है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ‘नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण’ (NTKMA) इस वेबसाइट को विकसित कर रहा है। इसका शुरुआती (स्टैटिक) संस्करण 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण समारोह के दौरान जारी किया जाएगा। ध्वजारोहण समारोह के साथ ही नासिक शहर और पास के त्र्यंबकेश्वर मंदिर कस्बे में ‘सिंहस्थ कुंभ मेला’ आधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगा। पुरोहित संघ, नगर परिषद त्र्यंबकेश्वर और मेला विकास प्राधिकरण के सौजन्य से इस समारोह का आयोजन किया जा रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस धर्म ध्वजारोहण के समय मौजूद रहेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कुशावर्त कुंड पहुंचकर पूजा-अर्चना करने का कार्यक्रम है।
अगस्त 2027 से शुरू होंगे अमृत स्नान
धर्म ध्वजारोहण के साथ सिंहस्थ कुंभ का धार्मिक शुभारंभ हो जाएगा, लेकिन संतों, महंतों और नागा संन्यासियों के अमृत स्नान के लिए श्रद्धालुओं को अभी इंतजार करना होगा। दी गई ज्योतिषीय जानकारी के अनुसार, गुरु की वक्री चाल के कारण मुख्य अमृत स्नान अगस्त-सितंबर 2027 में आयोजित होंगे। पहला अमृत स्नान 12 अगस्त 2027 से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
यह विशाल धार्मिक आयोजन 31 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 2028 के मध्य तक चलेगा। हालांकि, ‘अमृत स्नान’ के लिए सबसे शुभ दिन 2027 में आएंगे। विज्ञप्ति में बताया गया है कि शुरुआत में, यह पोर्टल ‘नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला 2027’ की डिजिटल उपस्थिति दर्ज करेगा और इससे जुड़ी बुनियादी जानकारी देगा। इस पोर्टल पर नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ के आध्यात्मिक महत्व, इतिहास, परंपराओं और रीति-रिवाजों के बारे में विशेष जानकारी उपलब्ध होगी। यहां प्रमुख मंदिरों, घाटों, अखाड़ों, धार्मिक स्थलों और तीर्थयात्रियों के लिए मार्गदर्शन से जुड़ी जानकारी मिलेगी, जिससे श्रद्धालु इस आयोजन के महत्व को समझ सकेंगे और अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे। यात्रा और कार्यक्रम (इटिनररी) संबंधी जानकारी में हवाई, रेल, सड़क और स्थानीय परिवहन के विकल्प शामिल होंगे। साथ ही, नासिक और लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित त्र्यंबकेश्वर तक पहुंचने के तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी। जैसे-जैसे यह प्लेटफॉर्म विकसित होगा, इसमें पार्किंग क्षेत्रों, ट्रैफिक डायवर्जन, प्रवेश और निकास बिंदुओं, शटल सेवाओं, पैदल मार्गों और परिवहन विकल्पों के बारे में भी जानकारी जोड़ी जाएगी।
श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य रहेंगे उपस्थित
नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ के शुभारंभ की तैयारियां पूरी हो गई हैं। 31 अक्टूबर 2026 को त्र्यंबकेश्वर में धर्म ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा। श्रृंगेरी पीठ के उत्तराधिकारी शंकराचार्य स्वामी विधुशेखर भारती के सानिध्य में होने वाला यह समारोह धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर त्र्यंबकेश्वर के दसों संन्यासी अखाड़ों के श्रीमहंत और प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:02 बजे धर्म ध्वजारोहण होगा। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोपहर करीब 3 बजे कुशावर्त कुंड में पूजा करने पहुंचने की जानकारी दी गई है। धर्म ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के लिए विभिन्न अखाड़ों के प्रमुख संत और पदाधिकारी त्र्यंबकेश्वर पहुंच चुके हैं। इनमें जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री एवं अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि, निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रवींद्र पुरी, महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रवींद्र पुरी, आवाहन अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत सत्य गिरि शामिल हैं। इसके अलावा बड़ा उदासीन अखाड़े के भ्रमणशील मंडल के श्रीमहंत दुर्गादास जी, आनंद अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत शंकरानंद सरस्वती, निर्मल अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत देवेंद जी और नया उदासीन अखाड़े के श्रीमहंत भगत राम जी भी समारोह में हिस्सा लेंगे।












