पटना: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि यह चुनाव तय करेगा कि राज्य में फिर से ‘जंगलराज’ की वापसी होगी या जनता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विकास मॉडल को अपनाएगी।
एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “मैं छठी मइया से प्रार्थना करता हूं कि बिहार हमेशा जंगलराज से मुक्त रहे।” उन्होंने राजग को ‘पांच पांडवों का गठबंधन’ बताते हुए दावा किया कि इस सरकार के शासनकाल में गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। शाह के अनुसार, हत्या के मामलों में 20 प्रतिशत और डकैती की घटनाओं में 80 प्रतिशत की कमी हुई है।
शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के समग्र विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि जबकि राजग विकास के लिए काम कर रहा है, लालू प्रसाद यादव केवल अपने परिवार का विकास चाहते हैं। उन्होंने संप्रग सरकार के दौरान घोटालों का हवाला देते हुए कहा कि 12 लाख करोड़ रुपए के घोटाले हुए।
राजद और कांग्रेस पर तंज कसते हुए अमित शाह ने कहा, “बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभान अल्लाह।” उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि राजग सरकार ने बिहार में कई विकास कार्य किए हैं, जबकि पूर्व शासन में कोई ठोस विकास नहीं हुआ।
अमित शाह ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। उन्होंने घुसपैठियों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया और कहा कि उन्हें मतदाता सूची से हटाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ‘घुसपैठिए बचाओ यात्रा’ के माध्यम से देश की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठा सकते।











