पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव की रौनक बढ़ते ही जद(यू) ने पार्टी के भीतर अनुशासन कायम करने के लिए बड़ा कदम उठाया। पार्टी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों और विचारधारा की अवहेलना के आरोप में पूर्व मंत्री सहित कुल 16 नेताओं को निष्कासित किया।
जद(यू) की प्रदेश इकाई के महासचिव चंदन कुमार सिंह ने शनिवार शाम जारी बयान में कहा कि इन नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया, “पार्टी ने पाया कि ये सभी नेता राज्य में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। इसलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई जरूरी थी।”
शनिवार को पार्टी ने पहले ही 11 नेताओं को निष्कासित किया था। इनमें पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह और सुधर्शन कुमार, पूर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद और रणविजय सिंह शामिल थे।
रविवार को जारी नई सूची में विधायक गोपाल मंडल, पूर्व विधायक महेश्वर यादव, पूर्व MLC संजिव श्याम सिंह समेत पांच और नेताओं को पार्टी से बाहर किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि ये नेता राजग के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ कार्य कर रहे थे और जद(यू) की विचारधारा की अवहेलना कर रहे थे।
बिहार में इस बार 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में होंगे – पहले चरण के लिए वोटिंग 6 नवंबर और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को। नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और महागठबंधन के बीच है, लेकिन इस बार प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज भी मैदान में है, जिससे सियासी समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं।
जद(यू) की लगातार कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी बागी नेताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और चुनावी रणभूमि में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश कर रही है।











