लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर की हुए धमाके के बाद पुलिस और जाँच एजेंसियां ने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डेरा जमाया हुआ है। आज एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) के आने की भी उम्मीद है। इसी बीच नूंह से 2 डॉक्टरों को गिरफ्त में लिया गया है। वहीं दिल्ली में हुए ब्लास्ट का कनेक्शन अब हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले के पिनगवां क्षेत्र से जुड़ गया है। विस्फोट से जुड़े केस की जाँच कर रही दिल्ली की जाँच एजेंसी ने खाद विक्रेता सिंगला उर्फ डब्बू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
आरोप है कि डब्बू ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल शकील को बिना रिकॉर्ड अमोनियम नाइट्रेट उपलब्ध करवाया। जबकि उसके पास अमोनियम नाइट्रेट खरीद का लाईसेंस नहीं था । बताया गया कि यहीं अमोनियम नाइट्रेट विस्फोट तैयार करने में इस्तेमाल हुआ। वहीं गुरुवार रात सुरखीं बलों ने पुलवामा में आतंकी डॉ. उमर नई के घर को आईडी ब्लास्ट से उड़ा दिया है। गुरुवार को ही डीएफए भीष्म के बाद उस बात की पुष्टि हुई है कि कार में उमर ही था। अमर पुलवामा के कौल इलाके में रहता था। पुलिस उसके माता-पिता और भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया
अब तक गिरफ्तार 8 आतंकियों ने बताया कि ये 6 दिसंबर यानी बाबरी मस्जिद ढहाने की बरसी के दिन दिल्ली समेत देशभर में कई जगह धमाके करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने 32 कारों का इंतजाम किया था। 10 नवंबर की हुए दिल्ली ब्लास्ट में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हैं, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
आतंकी का घर गिराकर परिवार को बेघर करना क्रूरता : गुलाम आजाद सीनियर लेजिस्लेटिव लीडर गुलाम आजाद ने आतंकी डॉ. उमर नई के घर को आईडी ब्लास्ट से उड़ाने की घटना को लेकर कहा कि किसी घर को गिराना कभी भी सजा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि
बिना किसी सबूत, कोर्ट के आदेश के कसूरमंदों को वर्दी में एक पूरे परिवार को बेघर करना क्रूरता है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से आतंकी दहशत में मारे गए निर्दोष लोगों को न्याय नहीं मिलेगा। बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है, जबरन पूछताछ और अवैध तोड़फोड़ से शांति नहीं आएगी, बल्कि ये कश्मीर को दशकों पीछे धकेल देगी।












