नई दिल्ली। सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि 3.60 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली निर्माणाधीन 574 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के कार्यान्वयन में देरी हुई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में आवंटित इन 574 विलंबित परियोजनाओं में से 300 परियोजनाओं में 1 साल से कम की देरी हुई है। 253 परियोजनाओं में 1 से 3 साल की देरी हुई है। 21 परियोजनाओं में 3 साल से अधिक की देरी हुई है।
गडकरी ने बताया कि लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 133 राजमार्ग परियोजनाओं को आवंटित तो कर दिया गया है, लेकिन भूमि अधिग्रहण और वन एवं वन्यजीव विभाग से मंजूरी जैसी पूर्व-आवश्यक शर्तों के पूरा नहीं होने के कारण काम शुरू होने की तारीख की घोषणा नहीं की जा सकी है।
उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर बाधाओं को दूर करने के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने की खातिर कदम उठाए हैं। उन्होंने एक अन्य सवाल के उत्तर में कहा कि चालू वित्त वर्ष (अक्टूबर 2025 तक) में 3,468 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया।











