भंडारा :आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान “भारत हिंदुराष्ट्र है और रहेगा” ने राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर हलचल मचा दी है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रफुल पटेल ने कहा कि यह कोई विवादित बयान नहीं बल्कि ऐतिहासिक और अधिकृत है।
प्रफुल पटेल ने बताया कि भारतीय संविधान में देश का नाम हिंदुस्तान के रूप में दर्ज है और “इंडिया” शब्द अंग्रेज़ों के समय आया। उन्होंने यह भी कहा कि मोहन भागवत का यह वक्तव्य किसी नए विचार का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि देश की ऐतिहासिक और संवैधानिक स्थिति को दर्शाता है।
भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान हमेशा हिंदू सभ्यता और संस्कृति से जुड़ी रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि संविधान ने भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में मान्यता दी है, लेकिन इतिहास और सांस्कृतिक संदर्भ में इसे हिंदुस्तान कहा गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बयान ने फिर से यह बहस शुरू कर दी है कि भारत की असली पहचान क्या है और इसे किस नजरिए से देखा जाना चाहिए। हालांकि, भाजपा के नेताओं का मत है कि मोहन भागवत का वक्तव्य केवल ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है और किसी तरह के राजनीतिक एजेंडा को बढ़ावा नहीं देता।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान के समर्थन में मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे विवादास्पद भी मान रहे हैं।











