99 हजार रुपये वसूले गए, कार्रवाई प्रस्तावित
मुख्यमंत्री लाडकी बहन योजना को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा कराई गई जांच में यह पाया गया है कि सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद 196 लोगों ने योजना का लाभ लिया। यह योजना मूल रूप से आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए शुरू की गई थी, लेकिन नियमों की अनदेखी कर कुछ अपात्र लाभार्थियों ने इसका फायदा उठा लिया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, सामने आए 196 कर्मचारियों में से 190 कर्मचारी अर्ध-कालिक (पार्ट-टाइम) हैं और उनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम पाई गई। इन मामलों में उन्हें तकनीकी रूप से पात्र माना गया है, जिस कारण फिलहाल उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई है।
हालांकि, जांच में 6 ऐसे कर्मचारी भी सामने आए हैं, जो योजना के मापदंडों पर पूरी तरह खरे नहीं उतरते थे, फिर भी उन्होंने लाभ प्राप्त किया। इन 6 कर्मचारियों से अवैध रूप से प्राप्त 99,000 रुपये की वसूली कर ली गई है। विभाग ने इस राशि को सरकारी खजाने में जमा कर दिया है।
महिला एवं बाल कल्याण विभाग की रिपोर्ट के आधार पर अब जिला परिषद (जिल्हा परिषद) ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया है। बताया जा रहा है कि योजना के क्रियान्वयन और सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई, जिसके चलते अपात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल सका।
प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए लाभार्थियों की जांच प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा। साथ ही, दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।








