सड़क के अभाव में गई जान, प्रशासन पर उठे सवाल
नासिक जिले के इगतपुरी तालुका स्थित अति दुर्गम खैरेवाड़ी गांव में सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय आदिवासी नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के अभाव में रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच भी मुश्किल हो गई है।
इस सड़क कार्य का निरीक्षण तत्कालीन जिलाधिकारी जलज शर्मा ने किया था, लेकिन उसके बावजूद आज तक काम को गति नहीं मिल सकी। उद्घाटन फलक पर 3 किलोमीटर सड़क निर्माण और एक वर्ष की समयसीमा दर्शाई गई थी, लेकिन आठ महीने बीत जाने के बाद भी महज 700 मीटर तक केवल मिट्टी का भराव ही किया गया है।
स्थिति की गंभीरता तब और बढ़ गई जब दो दिन पहले सड़क न होने के कारण 65 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर सड़क बन जाती तो यह जान बचाई जा सकती थी। विशेष बात यह है कि सड़क के लिए डाले गए भराव में स्थानीय किसानों के खेतों की मिट्टी का इस्तेमाल किया गया, जिससे किसानों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले संबंधित विधायक ने सड़क का उद्घाटन किया था, लेकिन उसके बाद काम पूरी तरह से ठप पड़ गया। गंभीर घटना के बावजूद अब तक कोई भी शासकीय अधिकारी या जनप्रतिनिधि घटनास्थल पर नहीं पहुंचा है, जिससे प्रशासन की उदासीनता उजागर हो रही है।
इस लापरवाही के खिलाफ खैरेवाड़ी गांव के नागरिकों में भारी आक्रोश है और वे जल्द से जल्द सड़क निर्माण पूरा करने की मांग कर रहे हैं।








