नई दिल्ली। वायदा कारोबार में शुक्रवार को चाँदी और सोने की कीमतों में पिछले कुछ महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी गरावट देखी गई। बाजार के आंकड़ों से पता चला कि सोने और अन्य धातुओं में भारी बिकवाली का दबाव है, और एमसीएक्स (MCX) आईकोमेडेक्स सूचकांकों में भी व्यापक कमजोरी झलक रही है। सोने और चाँदी की कीमतों में दिनभर में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसके बाद उनमें मामूली स्थिरता आई, जो कमोडिटी बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता को दर्शाता है।
वैश्विक बाजारों में कमजोर रुझानों और अमेरिकी मुद्रा में तेजी के कारण चाँदी का वायदा भाव 17 प्रतिशत घटकर 3.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गया, जबकि सोना नौ प्रतिशत गिरकर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में, मार्च माह में डिलीवरी वाली चाँदी वायदा का भाव 67,891 रुपये, या 16.97 प्रतिशत घटकर 3,32,002 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया, जो एक दिन में इसकी सबसे बड़ी गिरावट है। बृहस्पतिवार को चाँदी की कीमत लगभग नौ प्रतिशत बढ़कर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई थी, जिसके बाद यह 3,99,893 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
इसी तरह, सोने के वायदा भाव में भी गिरावट आई क्योंकि निवेशकों ने इस एक्सचेंज में भारी मुनाफा वसूली की। इसके फरवरी माह में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 15,246 रुपये, या नौ प्रतिशत टूटकर 1,54,157 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। बृहस्पतिवार को, सोने की कीमत लगभग नौ प्रतिशत बढ़कर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुँच गई थी, जिसके बाद एमसीएक्स पर यह 1,69,403 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिसर्च विश्लेषक, मानव मोदी ने कहा कि चाँदी और सोने की कीमतों ने आज सभी फॉर्मेट, मेगा और मिनी अनुबंधों में निचले सर्किट स्तर को छू लिया है। विश्लेषकों का कहना है कि कीमतों में आई इस तीव्र गिरावट से सोने की कीमतों में हालिया उछाल के बाद बढ़े हुए मूल्यांकन का पता चलता है। व्यापारी अब आगे की दिशा जानने के लिए वैश्विक मौद्रिक नीति के संकेतों, अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रमों और जोखिम भावना पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। हालांकि निकट भविष्य में अस्थिरता अधिक रहने की उम्मीद है, लेकिन वैश्विक केंद्रीय बैंकों से मिलने वाले नए संकेतों और व्यापक आर्थिक आंकड़ों के मद्देनजर बाजार के प्रतिभागी सतर्क हैं।












