नई दिल्ली। फरवरी की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 82,225 पर 1,068 अंकों (1.28%) की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी-50, 25,424 पर 288 अंकों (-1.12%) की कमजोरी दर्ज किया। इस गिरावट के चलते निवेशकों के 3 लाख करोड़ रुपये डूब गए। कल से मार्च एक्सपायरी की शुरुआत होने वाली है।
बीएसई (BSE) का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,068.74 अंक यानी 1.28 प्रतिशत टूटकर 82,225.92 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,359.93 अंक लुढ़ककर 81,934.73 अंक तक आ गया था। एनएसई (NSE) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 288.35 अंक यानी 1.12 प्रतिशत के नुकसान के साथ 25,424.65 अंक पर बंद हुआ। दिन भर में यह 385.4 अंक फिसलकर 25,327.60 अंक तक आ गया था।
आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा के शेयर में सर्वाधिक 6.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा एचसीएल टेक, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में भी गिरावट रही। इसके विपरीत एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और सन फार्मा में तेजी का रुख देखा गया।
व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मॉलकैप सिलेक्ट सूचकांक 0.68 प्रतिशत और मंझोली कंपनियों का मिडकप सिलेक्ट 0.54 प्रतिशत नीचे आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी क्षेत्र में लंबे समय तक दबाव रहने की आशंका से रियल एस्टेट शेयरों पर भी असर पड़ा, क्योंकि इससे घरों की मांग और मूल्यांकन प्रभावित हो सकते हैं।












