छत्रपति शिवाजी के बारे में दिए गए बयान का गलत अर्थ न निकालें
लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में दिए गए एक बयान पर विवाद के बाद रविवार को बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांगी है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और वे हिंदू राष्ट्र को प्रेरणा देने वाले व्यक्तियों का अपमान करने के बारे में सोच भी नहीं सकते। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो वे इसके लिए तहे दिल से माफी मांगते हैं।
नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज और समर्थ रामदास महाराज के बारे में एक बयान दिया था। इसके बाद राज्य भर में उनकी आलोचना हुई। अब धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए माफीनामा दाखिल किया है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कुछ लोगों ने मेरे कथन का गलत अर्थ निकाला। जिन लोगों के स्वराज्य ने हमें हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए प्रेरित किया, मैं उनका अपमान बर्दाश्त नहीं करूँगा, सपने में भी उनकी आलोचना करना तो दूर की बात है। इस देश का हर सनातनी आज जीवित है, हिंदुत्व से भली-भांति परिचित है और इसका सबसे बड़ा श्रेय शिवाजी महाराज को जाता है। छत्रपति शिवाजी महाराज में विश्वास रखने वाले सभी लोग हमारे अपने हैं। इसलिए अगर हम आपस में बहस करते हैं, तो इससे दूसरों को लाभ होगा।
धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में बात करते समय मेरे मन में कोई और विचार नहीं थे। मैंने अपनी भाषा में बताया कि शिवाजी महाराज के मन में गुरुओं और संतों के प्रति क्या भाव थे, लेकिन कुछ लोगों ने इसका गलत अर्थ निकाल लिया। यदि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा चाहता हूं। मेरे कथन का गलत अर्थ न निकालें। मैं छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर करता हूं, इसलिए मैं उनके स्वराज के सपने के लिए जीता हूं। हमने जो हिंदुत्व की विचारधारा अपनाई है, वह छत्रपति शिवाजी महाराज की देन है। इसलिए मैं उनके अपमान का कोई भी बयान देने के बारे में सोच भी नहीं सकता, ऐसा धीरेंद्र शास्त्री ने कहा।
चार बच्चों के बयान पर भी स्पष्टीकरण
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि हर किसी को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को देना चाहिए। इस बयान पर विवाद होने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा, मैंने कहा था कि एक बच्चा संघ को दो। इसका मतलब है कि एक बच्चे को कट्टर राष्ट्रवादी बनाओ। उसे कलेक्टर बनाओ या कुछ और, लेकिन उसे कट्टर सनातनी बनाओ। मेरे बयान का गलत अर्थ मत निकालो।









