नागपुर, संवाददाता:नागपुर महानगरपालिका ने घोषणा की है कि जनवरी 2026 से भांडेवाड़ी डंपिंग यार्ड में ताजा कचरा डालना बंद कर दिया जाएगा। नए ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र के शुरू होने के साथ ही नागपुर में प्रतिदिन करीब 1,300 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होगा। जिसमें से अब तक 700-800 टन को ही प्रोसेस किया जा रहा था, बाकी कचरा भांडेवाड़ी में जाता था। यह बदलाव शहर के लिए स्वच्छता और पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कचरा जमाव से परेशान
शहर में त्वरित बस्ती विकास और निर्माण कार्यों के कारण, निर्माण-कचरा (मरम्मत, निर्माण आदि का मलबा) सड़कों, फ़्लॉट्स व खुली जगहों पर बेतरतीब ढंग से फेंका जा रहा है। इस अवधि (अप्रैल-नवंबर 2025) में नागपुर महानगरपालिका ने निर्माण-कचरा फेंकने वालों से लगभग 1.58 करोड़ रुपयों का जुर्माना वसूला है। यह स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। नागरिकों का कहना है कि इससे न सिर्फ जाम व गंदगी बढ़ी है, बल्कि पर्यावरण व सार्वजनिक स्वास्थ्य को भी खतरा है।











