लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। अचानक हुए इस हादसे के बाद प्लांट परिसर में आग और धुएं का गुबार फैल गया, जिससे वहाँ कार्य कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास मौजूद श्रमिक जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे में 11 मजदूरों की मौत हो गई है।
जानकारी के अनुसार, हादसे के समय प्लांट में बड़ी संख्या में मजदूर कार्यरत थे। हादसे में करीब 30-40 मजदूरों के घायल होने की सूचना है, जिनमें से 80 प्रतिशत तक झुलसे 12 मजदूरों की हालत गंभीर बताई गई है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने हंगामा कर दिया और वे घायलों से मिलने देने की मांग कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुँचीं और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट के बाद प्लांट में भगदड़ की स्थिति बन गई थी; कई मजदूर झुलस गए, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। बचाव दल द्वारा घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुँचाया गया। प्रशासन ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जाँच शुरू कर दी है।
हादसे के कारणों की जाँच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। प्रारंभिक तौर पर बॉयलर फटना ही मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जाँच के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जाँच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल प्रशासन घायलों के बेहतर उपचार और राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है।











