लोकवाहिनी संवाददाता:नागपुर। नागपुर जिला सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी दिए जाने से हड़कंप मच गया है। गुरुवार को जिला सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल प्राप्त होने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सतर्क हो गईं। प्राथमिक जांच में यह धमकी शरारतपूर्ण प्रतीत हो रही थी, फिर भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने गहन तलाशी ली, लेकिन सभी स्थानों पर धमकियां झूठी निकलीं।
धमकी में जिला सत्र न्यायालय की नौवीं मंजिल पर बम रखे जाने का उल्लेख किया गया था। इसके बाद पुलिस विभाग, श्वान दल (Dog Squad), बम खोजी और बम निरोधक दस्तों (BDDS) ने पूरे न्यायालय परिसर की गहन तलाशी ली। एहतियातन न्यायालय परिसर में कड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया है। हालांकि सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच न्यायालय का कामकाज सुचारू रूप से जारी रहा। बम की धमकी मिलने और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तलाशी अभियान के कारण अदालती कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन ठाकरे ने पुष्टि की कि सभी अदालती कमरों की गहन तलाशी ली गई। इसके बाद सुनवाई दोपहर तीन बजे फिर से शुरू हुई। उल्लेखनीय है कि बीते कुछ दिनों से लगातार महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक इमारतों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं। शीतकालीन अधिवेशन शुरू होने से पहले जिला कलेक्टर कार्यालय और टेकड़ी गणेश मंदिर में भी बम रखे जाने की धमकी दी गई थी।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशन बागड़े ने बताया कि अदालत की ईमेल आईडी पर सुबह ईमेल भेजा गया था, जिसमें यह दावा किया गया था कि सिविल लाइंस इलाके में स्थित इमारत में जल्द ही आरडीएक्स (RDX) आधारित दो विस्फोटक उपकरण फट जाएंगे। इस धमकी के बाद जिला अदालत में सुरक्षा बढ़ा दी गई और बीडीडीएस (BDDS) कर्मियों ने परिसर का निरीक्षण किया।









