लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। सोमवार तड़के 9 बजे धंतोली पुलिस थाना क्षेत्र के यशवंत स्टेडियम के पास स्थित न्यूरॉन्स ब्रेन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल में चिकित्सक ईश्वर चंदेवार (42) ने आत्महत्या कर ली। मानेवाड़ा निवासी डॉ. ईश्वर चंदेवार पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव से ग्रस्त थे। डॉ. ईश्वर के पिता सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उनके एक भाई जिला परिषद में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। प्रेम विवाह करने वाले डॉ. ईश्वर पिछले कुछ दिनों से पारिवारिक विवाद से जूझ रहे थे। इससे उन्हें काफी तनाव हो रहा था। बताया जा रहा है कि तनाव के चलते वे पिछले पांच दिनों से घर भी नहीं गए थे। पुलिस को आत्महत्या से पहले उनके कमरे में कोई सुसाइड नोट या संदेश नहीं मिला। पुलिस ने उनका मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक विभाग भेज दिया है।
सूत्रों के अनुसार, डॉ. ईश्वर विवाहित हैं, लेकिन कुछ समय से उनके बीच अनबन चल रही है। उनके साथी डॉक्टरों द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, इसी वजह से वे पिछले पांच दिनों से घर नहीं जा रहे थे। इसलिए, पुलिस सभी संभावनाओं की जांच कर रही है। रविवार रात न्यूरॉन्स अस्पताल में अपनी सेवाएं देने के बाद, डॉ. ईश्वर सुबह अपने वार्ड में गए। वहां पहुंचकर उन्होंने खुद को बेहोशी का इंजेक्शन लगा लिया। इंजेक्शन की अधिक मात्रा के कारण वे अचेत हो गए। सुबह 9 बजे तक भी वार्ड से कोई जवाब न मिलने पर उनके सहकर्मियों ने वार्ड में प्रवेश करने का प्रयास किया। हालांकि, वार्ड का दरवाजा अंदर से बंद था। इसी बीच अस्पताल प्रशासन को सूचना दी गई।













