घायल नीलगाय और किसानों की दहशत पर वन विभाग की नजर
वन्यजीव नियंत्रण और सुरक्षा के लिए किसानों की मांग तेज
यवतमाल | महागाव तालुका के बोरी इजारा इलाके में बिबट्याओं के मुक्त विचरण के कारण शेतकरी गंभीर दहशत में हैं। पिछले दो महीनों से शेतों में बिबट्याओं की गतिविधि ने किसानों की रोजमर्रा की कृषि गतिविधियों पर गहरा असर डाला है। आज सुबह शेतकर्मी परसराम डवरे और आयुब भाई जब अपने खेत में गए, तो उन्होंने लगवड़े हुए तरबूज (कलिंगड) के बीच में गंभीर रूप से घायल रोही (नीलगाय) देखा।
स्थानीय शेजारी किसान ने वन क्षेत्र अधिकारियों को इसकी सूचना दी। वन विभाग ने घायल नीलगाय को बचाने और उचित उपचार कराने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शेतकर्मी अपनी उपजीविका पूरी तरह कृषि पर निर्भर होने के कारण इस स्थिति से हतप्रभ हैं और उन्हें रोजमर्रा की खेती में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय किसान मनीष जाधव ने वन विभाग की सुस्ती और कार्रवाई में देरी पर नाराजगी जताते हुए बिबट्याओं के नियंत्रण, वन्यजीव प्रबंधन और भूमि अधिग्रहण की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन मांगों पर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसान सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।
स्थानीय वन अधिकारी अब घटनास्थल का दौरा कर चुके हैं और घायल नीलगाय के इलाज तथा बिबट्याओं के नियंत्रण के लिए त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं। इस बीच शेतकरी अपनी फसलों और खुद की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं।







